मोकामा टाल से भेदभाव क्यों...विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री से पूछा- राजगीर में गंगाजल पहुंचा दिया पर टाल से जलजमाव कब दूर होगा?

मोकामा टाल से भेदभाव क्यों...विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री से पूछा- राजगीर में गंगाजल पहुंचा दिया पर टाल से जलजमाव कब दूर होगा?

पटना. बिहार विधानसभा के नेताप्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर मोकामा की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश ने गंगा नदी का पानी करोड़ों रुपये खर्च कर गया और राजगीर तक पहुंचा दिया, लेकिन मोकामा की अनदेखी की। विजय सिन्हा ने कहा कि सीएम नीतीश कुछ रुपये खर्च कर मोकामा टाल के खेतों में जलजमाव की समस्या को दूर किये होते तो लघु सीमांत किसानों की बड़ी समस्या दूर हो जाती। 

विजय सिन्हा ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक़ लगभग डेढ़ लाख टन दाल का उत्पादन मोकामा टाल के खेतों में होता है। उन्होंने सीएम को याद कराते हुए कहा कि एनडीए के शासन काल में मंत्री जी ने  ने सदन में करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च कर टाल क्षेत्र की समस्या दूर करने की बात कही थी। उस राशि का क्या हुआ? क्या उस राशि की भी बंदरबांट हो गई। आसन पर से उस समय एक प्रश्न के उत्तर में मैने एक कमिटी बना कर निगरानी के लिए निर्देश दिया था, उनका क्या हुआ? उन्होंने कहा कि लखीसराय जिला से लेकर पटना जिला तक फैले टाल (ताल) क्षेत्र को ऐसे तो 'दाल का कटोरा' माना जाता है, परंतु जलजमाव के कारण क्षेत्र के किसान परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि गंगा नदी के किनारे स्थित क्षेत्र का नाम निचले क्षेत्र होने के कारण 'टाल क्षेत्र' पड़ा है। बिहार के कृषि उत्पादन में इस क्षेत्र की अहम भूमिका है। बिहार में लखीसराय से पटना तक फैले इस क्षेत्र में बख्तियारपुर, बाढ़, फतुहा, मोकामा, मोर, बड़हिया और सिंघौल टाल क्षेत्र में आते हैं। करीब 110 किलोमीटर लंबाई और 6 से 15 किलोमीटर की चौड़ाई में पसरा यह क्षेत्र दाल के उत्पादन के लिए मशहूर है।

विजय सिन्हा ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण इलाके पर अब तक सीएम का ध्यान नहीं दिया जाना इलाके के सौतेलापन को ही दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को के चुनौती देते कहा कि अगर आप में हिम्मत है तो मोकामा के टाल क्षेत्र के किसानों के खेतों में जलजमाव की समस्या के निदान के लिए घोषणा कीजिए तथा वहां वर्षों से बंद कारखाने को फिर से शुरू करवाने की तुरंत घोषणा कीजिए। उन्होंने कहा कि आप सरकारी नौकरी देने को लेकर खूब झांसा दे सकते हैं, लेकिन हकीकत है कि बिना औद्योगिकरण के क्षेत्र में विकास नहीं हो सकता, लोगों को रोजगार नहीं मिल सकता है।

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