ग्रामीणों ने मनरेगा में धांधली का लगाया आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

ग्रामीणों ने मनरेगा में धांधली का लगाया आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

GAYA : जिले के डुमरिया प्रखंड के महूड़ी पंचायत में चल रहे मनरेगा के विभिन्न योजनाओं में ग्रामीणों ने घोटाले  का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने बताया कि महूड़ी पंचायत में मनरेगा के तहत 42 योजना है. जिसमें कई योजनाएं ऐसी है कि कार्य जमीन पर हुआ ही नहीं है और मिलीभगत से पैसे की निकासी कर ली गई है. गोदामीया आहार, रेड़ीया आहार और पूर्व मुखिया तेज बहादुर सिंह के घर के समीप बड़ा बर के पेड़ के पास पैन उड़ाई का कार्य हुआ ही नहीं और मनरेगा के तहत पैसा निकासी कर ली गई है. 

ग्रामीणों ने मुखिया और मनरेगा के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की मिलीभगत से बिना कार्य कराए ही लाखों रुपए की निकासी कर लेने का आरोप लगाया है. 

इसके साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि मनरेगा के तहत फॉरेस्ट विभाग की अधिकृत जंगल में पैन उड़ाही एवं रोड निर्माण कार्य किया गया है. जबकि मनरेगा के तहत जंगल में काम नहीं किया जाता है. जंगल में जो कार्य हुआ है. उसमें जेसीबी और मशीन से काम किया गया है. ग्रामीणों ने कहा कि कांग्रेस सरकार गरीबों के रोजगार के लिए मनरेगा स्कीम लाई थी. जिसमें रोजगार नहीं रहने पर गरीब मजदूरों को रोजगार दिया जाता है. लॉक डाउन  में गरीब लोग मर रहे हैं. काम जैसे तैसे मशीन से कराकर बिचौलियों के द्वारा पैसा निकासी कर लिया गया है. इसके साथ ही ग्रामीण ने बताया कि 2017-18 में पूर्व पीओ के निगरानी मे कार्य किया गया था. इसका जांच भी उन्हीं को मिला है. जो खुद आरोपी है वह दूसरे की जांच क्या करेंगे?उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि बच्चों के नाम से जॉब कार्ड बनाकर बच्चा के खाते में पैसा जाता है. बच्चे को कुछ रकम देकर पूरा पैसा गबन किया जाता है. इसमें मुखिया, पीओ और मनरेगा से जुड़े अधिकारी शामिल हैं. 

ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के तहत जो भी कार्य किया गया है. इसकी जांच उच्च स्तरीय अधिकारी से कराई जाए ना कि मनरेगा के अधिकारी से. जांच के लिए ग्रामीणों ने कमिश्नर, डीएम, डीडीसी, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री सह क्षेत्रीय विधायक जीतन राम मांझी को आवेदन दिया है. 

इसके साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि जब ग्रामीणों द्वारा लूट की आवाज उठाया गया तो मुखिया एवं अधिकारियों द्वारा रात के अंधेरे में काम शुरू कर दिया गया. इसकी सूचना ग्रामीणों ने स्थानीय थाना डुमरिया को लिखित रूप में दी है. 

इस संदर्भ में डुमरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रुति कुमारी ने बताया कि इमामगंज के पीओ प्रभार में है, जांच रिपोर्ट डीडीसी को दे दिया गया है. अभी तक डीडीसी के तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. 

गया से मनोज की रिपोर्ट

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