परिवहन विभाग में वीएलटीडी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का हुआ उद्घाटन, इस साल 1 अगस्त तक प्राइवेट बसों में भी यह इमरजेंसी बटन लगाना होगा अनिवार्य

परिवहन विभाग में वीएलटीडी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का हुआ उद्घाटन, इस साल 1 अगस्त तक प्राइवेट बसों में भी यह इमरजेंसी बटन लगाना होगा अनिवार्य

पटना. सार्वजनिक परिवहन के वाहनों के लोकेशन का लाइव ट्रैकिंग के लिए परिवहन विभाग मुख्यालय में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शुरु हो गया है। इसका उद्घाटन मंगलवार को परिवहन विभाग मुख्यालय में परिवहन विभाग मंत्री शीला कुमारी ने किया। इस दौरान उन्होंने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बस की लाइव ट्रैकिंग का अवलोकन किया। इस दौरान परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल भी मौजूद रहे।

महिला सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

परिवहन विभाग की मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में महिलाओं एवं यात्रियों की सुरक्षा के उद्देश्य से व्हीकल लोकशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं इमरजेंसी बटन लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। इससे सार्वजनिक परिवहन के वाहनों की कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी। यह महिला सुरक्षा हेतु काफी महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सकेगी एवं उन्हें आवश्यकता पड़ने पर वाहन के लोकशन के अनुसार सहायता दी जा सकेगी। 

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये बसों के लोकेशन की लाइव ट्रैकिंग

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में व्हीकल लोकशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं इमरजेंसी बटन लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत परिवहन विभाग मुख्यालय में कामांड एंड कंट्रोल सेंटर का शुभारंभ किया गया है। इसके माध्यम से सार्वजनिक परिवहन के वाहनों के लोकेशन की लाइव ट्रैकिंग की जा सकेगी।

शुरुआती दौर में बीएसआरटीसी के बसों की हो रही रियल टाइम मॉनिटरिंग

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पटना से इस नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है एवं इसके बाद अन्य शहरों में संचालित सार्वजनिक परिवहन के वाहनों (बस, टैक्सी) में लगाया जाएगा। फिलहाल बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में लगाया जाना है वीएलटीडी

राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की गाड़ियों को व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं इमरजेंसी बटन से लैस किया जाएगा। 1 जनवरी 2019 के बाद पंजीकृत सभी सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में वीएलटी उपकरण लगे आ रहे हैं एवं 1 जनवरी 2019 के पूर्व पंजीकृत सभी सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में वीएलटीडी तथा इमरजेंसी बटन लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। 1 अगस्त 2022 तक प्राइवेट बसों में भी वीएलटीडी एवं इमरजेंसी बटन लगाया जाना अनिवार्य हो जाएगा। स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी स्कूल बसों में पैनिक बटन लगाने का निर्देश दिया जाएगा।

बटन दबाते ही कमांड सेंटर में बजेगा अलार्म

सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों (बस, कैब, टैक्सी) से सफर करने वाली महिलाओं या लड़कियों को किसी तरह के खतरे का अभास होने पर इमरजेंसी बटन दबाते ही कंट्रोल कमांड सेंटर में अलार्म बजेगा और तत्काल पुलिस मदद के लिए पहुंचेगी। 

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को प्राप्त होगा इमरजेंसी अलर्ट

व्हीकल लोकशन ट्रैकिंग डिवाइस के द्वारा इमरजेंसी अलर्ट, ओवर स्पीडिंग तथा उपकरण के साथ छेड़छाड़ या तोड़े जाने पर अलर्ट प्राप्त हो सकेगा। इसकी मदद से वाहन के लोकेशन की रियल टाइम जानकारी प्राप्त होगी। जियो फैंसिंग एवं सॉफ्टवेयर के माध्यम से वाहन के हर मूवमेंट को मैप पर देखा जा सकेगा। वाहन मालिक भी सॉफ्टवेयर द्वारा अपने वाहनों की स्थिति का पता कर सकते हैं। 

ओवर स्पीडिंग को रोकने में मिलेगी मदद

इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से अपराध के नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी। इसके साथ ही ओवर स्पीडिंग को रोकने में भी मदद मिलेगी। बस यदि निर्धारित स्पीड से अधिक स्पीड पर चलेगी तो वह पकड़ में आ जाएगा और वैसे बस चालकों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 


Find Us on Facebook

Trending News