वाह रे...सुशासन ! अरवल पुलिस ने कुख्यात माफिया को 'थाने' से छोड़ा...भोजपुर पुलिस ने ही खोली पोल,17 केस में वांटेड अपराधी पर बरसी कृपा

वाह रे...सुशासन ! अरवल पुलिस ने कुख्यात माफिया को 'थाने' से छोड़ा...भोजपुर पुलिस ने ही खोली पोल,17 केस में वांटेड अपराधी पर बरसी कृपा

PATNA:  बिहार पुलिस अपराधियों को पकड़कर सौदा करती है, तय होने के बाद फिर उसे छोड़ देती है। नीतीश सरकार के जनता राज में ऐसा ही हो रहा है। सुशासन राज की पुलिस ने भोजपुर के एक कुख्यात अपराधी व बालू माफिया को पकड़कर छोड़ दी है। मामला अरवल जिले का है, जहां की पुलिस ने 17 केस में वांछित कुख्यात माफिया को पकड़ने के बाद छोड़ दिया है. बताया जाता है कि ऊंची बोली लगवाकर उसे छोड़ा गया। अरवल पुलिस ने भोजपुर पुलिस को भी गच्चा दिया. कोईलवर पुलिस ने अरवल पुलिस को उस वांछित अपराधी को थाने में रखने को कहा था। वहां की पुलिस अभी अरवल पहुंचती, इसके पहले ही उस कुख्यात अपराधी को अरवल के प्रभारी थानेदार ने छोड़ दिया। अब मामला खुलकर सामने आ गया है। 

चोरी की बाईक के साथ पकड़े गए थे तीन लोग 

यह घटना 16 नवंबर की है। अरवल पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान चोरी की बाईक पर तीन लोग पकड़े गए थे। इनमें से नीतीश कुमार, सूरज और अँकित था। इन सभी को थाना हाजत में रखा गया। इसके बाद चोरी की बाइक रखने के आरोप में केस दर्ज कर नीतीश और सूरज को जेल भेजा गया, जबकि कुख्यात अपराधी व माफिया अंकित को अरवल पुलिस ने रिहा कर दिया। कहा जाता रहा कि अरवल के प्रभारी थानेदार अर्जुन प्रसाद ने उस कुख्यात को अपनी गाड़ी में बिठाकर थाना से ले गए और छोड़ दिया। आखिर उसे इतनी जल्दी छोड़ना क्या मजबूरी थी यह तो अरवल पुलिस ही बता सकती है. लेकिन कहा जा रहा है कि छोड़ने के बदले में मोटी रकम की वसूली हुई। पूरा वाकया थाने के सीसीटीवी में कैद है. सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद स्थिति साफ हो सकती है. कहा तो यह भी जा रहा कि एसडीपीओ को जब मामले की जानकारी हुई तो वे थाने पहुंचे और उन्होंने स्टेशन डायरी में पूरे मामले का उल्लेख कर दिया है। 

कोईलवर पुलिस के पहुंचने से पहले ही छोड़ा 

बताएं आपको की भोजपुर जिले के कोईलवर थाने की पुलिस को जैसे ही इस बात की जानकारी लगी कि उनके यहां का मोस्ट वांडेट अपराधी अंकित अरवल में पकड़ा गया है। इसके बाद इसकी सूचना अरवल थाने को दी गई। साथ ही अरवल से फोटो का मिलान किया गया तो साफ हो गया कि वह कुख्यात अंकित ही है। इसके बाद भोजपुर एसपी ने कोईलवर के थानेदार प्रवीण कुमार को खुद अरवल भेजा। कोईलवर थानेदार अभी अरवल पहुंचते, इसके पहले ही उस कुख्यात को छोड़ दिया गया। कोईलवर थानेदार जब अरवल थाना पहुंचे तो कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं था। भोजपुर पुलिस को देखकर थाने के स्टाफ इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद भोजपुर एसपी ने अरवल एसपी से संपर्क किया। कोईलवर के थानेदार ने बताया कि हमलोगों ने अरवल पुलिस को बता दिया था कि वह कुख्यात अपराधी है.मेरे थाने में 17 केस दर्ज हैं. फोटो से भी मिलान हो गया था. अरवल पुलिस उस कुख्यात को नाबालिग बता रही थी, लेकिन वह 19 साल का है. भोजपुर पुलिस उसके पीछे काफी दिनों से लगी हुई थी। लेकिन अरवल पुलिस को जानकारी होने के बाद भी उस कुख्यात को थाने से छोड़ दिया गया। 

क्या कहते हैं अरवल एसपी 

इस संबंध में जब हमने अरवल के एएसपी रौशन कुमार से पूछा तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में आप पुलिस अधीक्षक से बात करें। अरवल एसपी से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि पकड़ा गया शख्स नाबालिग था,उसे नोटिस देकर छोड़ा गया है। इससे आगे उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. भोजपुर पुलिस के आरोपों पर वे बोलने से बचते दिखे। यानि यह स्पष्ट हो गया  दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है। 


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