वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट के नाम पर मिले फंड को अपने फायदे पर कर रहे 'वेस्ट', निर्माण सामग्री में भारी गड़बड़ी की पोल खोल रहे मुखिया पति

वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट के नाम पर मिले फंड को अपने फायदे पर कर रहे 'वेस्ट', निर्माण सामग्री में भारी गड़बड़ी की पोल खोल रहे मुखिया पति

SUPAUL : बिहार के सुपौल जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत हो रहे   वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन) निर्माण में प्रायःभारी लूट मची है । इसमें मिट्टी भराई का कार्य मजदूर से करना है। जबकि मजूदरो  से नहीं कराकर ट्रैक्टर से मिट्टी भराई कार्य किया जाता है ।

 ऐसा ही मामला जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड अंतर्गत करहरवा ग्राम पंचायत के वार्ड नं.-04 भैरोपट्टी ग्राम में अवस्थित लगभग पांच लाख की लागत से  WPU  निर्माण  एवं दो लाख सत्रह हजार रुपये की मिट्टी भराई एवं सोलिग कार्य है । ग्रामीणों के मुताबिक मिट्टी भराई ट्रैक्टर से किया गया है। जबकि भवन निर्माण कार्य में लोकल (स्थानीय) बालू एवं तीन नंबर ईंट लगाई जा रही है। पीलर में 12 एम एम सरिया ( रॉड) के बदले आठ एमएम की सरिया का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि मुख्य द्वार पर दोनों साइड 12 एमएम सरिया का लगाया गया है जो दिखावे के लिए  है। ताकि पदाधिकारियों को लगे कि सही कार्य किया गया है। बतादें कि भाड़ा सहित मात्र दो हजार में एक ट्रेलर लोकल (स्थानीय) बालू मिल जाता है। जबकि अच्छे बालू की कीमत प्रति ट्रेलर लगभग 10 -11 (दस से ग्यारह हजार ) रुपए  होता है। हर निर्माण में अच्छे बालू का इस्तेमाल किया जाना होता है। लेकिन यहां उसे दरकिनार किया जाता है।

हालांकि नीचे से ऊपर तक पदाधिकारी  महज खानापूर्ति के लिए आते जाते रहते   हैं। लेकिन कार्य की वही स्थिति यथावत बनी रहती है ईंट किस प्रकार की लगाई जाती है जो हाथ से तोड़ने मरोड़ने पर ही चूर -चूर हो जाती है। लोकल बालू से एक आठ के अनुपात में सीमेंट बालू मिलाकर चुनाई एवं   प्लास्टर किया जा रहा। हालांकि कार्य स्थल पर मौजूद मुखिया पति स्वयं तीन नं. की ईंट लगाए जाने की बात स्वीकार करते हैं।

सूत्र बताते हैं कि नीचे से वरीय पदाधिकारी तक एक निश्चित रकम बंधा हुआ है । इसीलिए घोर अनियमितता होने के बाबजूद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होना लाजमी है। उधर वरीय पदाधिकारी को समय सीमा पर कार्य सम्पादित करने का निर्देश दिया जाता है चाहे कार्य की गुणवत्ता जो भी हो, इसलिए किसी प्रकार की कार्यवाई करना मुनासिब भी नहीं समझता  है ।

इस सम्बंध में गुणवक्ताहीन कार्य किये जाने पर  ग्रामीण द्वारा जब डीएम के जनता दरबार, सुपौल में आवेदन दिया गया, वहीं डीडीसी सुपौल से पूछे जाने पर जांचकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही है।


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