हम साइबर सेल से आए हैं बोलकर आर्किटेक्ट का किया अपहरण, फिर पुलिस ने ऐसे दबोचा...

हम साइबर सेल से आए हैं बोलकर आर्किटेक्ट का किया अपहरण, फिर पुलिस ने ऐसे दबोचा...

डेस्क... साइबर सेल का पुलिसकर्मी बनकर अपराधियों ने गुरुवार की रात नौ बजे एक आर्किटेक्ट अभिषेक कुमार का रुपसपुर थानांतर्गत गोला रोड इलाके से अपहरण कर लिया। अविनाश कुमार का बेटा अभिषेक शेखपुरा के देवली का रहने वाला है। पटना में वह रूपसपुर के गोला रोड में जनकपुरी कॉलोनी के रोड-3 में साईं रेजिडेंस में फ्लैट-1 बी में रहता है। उसके अपहरण के बाद अपराधियों ने अभिषेक के भाई और सिविल इंजीनियर ज्योति कुमार से 20 लाख रुपए फिरौती की मांग की। रुपए नहीं देने पर अपराधियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। 

इधर, इस घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर एसके पुरी थाना इलाके के राजापुरपुल भट्ठा रोड से आर्किटेक्ट को बरामद कर लिया। उसी जगह अपराधियों ने उसे गाड़ी में बैठाकर रखा था। रेंज आईजी संजय सिंह के निर्देश पर हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। 

पकड़े गए अपहरणकर्ताओं में मूल रूप से कोलकाता के दासनगर सलप हाउसिंग कॉलोनी का रहने वाला आतिश कुमार सिंह (वर्तमान में पटना में कृष्णापुरी थाने के राजापुल के पास किराये के मकान में), मोतिहारी नगर थाने के अगरवां का रहने वाला आकाश कुमार (वर्तमान में दानापुर के आरपीएस रोड में वंशीकुंज अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 503 में)  और बिहारशरीफ के नकटपुरा का रहने वाला नवीन कुमार (शास्त्रीनगर के पुनाईचक पटेल नगर में किराये के मकान में) शामिल हैं। पुलिस ने अपराधियों के पास से तीन लग्जरी गाड़ियां, एक लोडेड पिस्टल औरा पांच मोबाइल बरामद किये हैं। 

अपराधियों ने कहा- हम साइबर क्राइम सेल से हैं 
हम साइबर क्राइम सेल से हैं, चलो हमारे साथ‌! तुम्हारे खिलाफ शिकायत है। यह कहते हुए अपहणकर्ताओं ने अभिषेक पर पिस्टल तान दी और उसे अपने कब्जे में ले लिया। इससे पहले कि कमरे में अभिषेक के साथ रह रहे उसके दोस्त विक्की व चंदन कुछ समझ पाते अपहरणकर्ताओं ने दोनों को मारते हुए दूसरे कमरे में बंद कर दिया। रात को अभिषेक के फ्लैट तक पहुंचने के लिए अपहरणकर्ताओं ने अपार्टमेंट के गार्ड को भी अपने साथ ल लिया था। वे गार्ड के साथ अभिषेक के फ्लैट तक पहुंचे थे। कुछ देर बाद ही अभिषेक को कब्जे में लेकर तीनों नीचे आए और एक गाड़ी से लेकर चले गए। इधर, कमरे में बंद दोस्तों के चिल्लाने की आवाज सुनकर फ्लैट के लोग पहुंचे। दोस्तों ने गोला रोड में रह रहे अभिषेक के सिविल इंजीनियर भाई ज्योति कुमार को फोन कर घटना की जानकारी दी। सभी खोजबीन कर रहे थे तो ज्योति के मोबाइल पर अभिषेक के मोबाइल से फोन आया और अपहरण करने व बीस लाख रुपए फिरौती देने की बात कही गई।

लग्जरी गाड़ी का अपहरणकर्ताओं ने किया इस्तेमाल
अपहरणकर्ता ने दो-दो लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल अभिषेक का अपहरण करने के लिए किया था। पूरी प्लानिंग के साथ आए अपहरणकर्ताओं ने अभिषेक को उसकी गाड़ी डिजायर में बैठा दिया। थोड़ी दूर जाने के बाद अभिषेक का मुंह ढंक दिया गया और पुलिस से बचने के लिए उसे एक बड़ी लग्जरी गाड़ी में अपराधियों ने बैठा दिया। एक गाड़ी के नेम प्लेट पर शिव सेना, जिला सचिव लिखा हुआ था। 

अभिषेक को जानते थे अपहरणकर्ता 
अपहरणकर्ताओं को अभिषेक के बारे में पूरी जानकारी थी। उसने बताया कि उसका भाई ज्योति कुमार सिविल इंजीनियर है। वह बोरिंग रोड में स्पोकिंग इंग्लिश का कोर्स करता है। अपने भाई के साथ आर्किटेक्ट का काम भी करता है। थानाध्यक्ष चन्द्र भानू ने बताया कि बरामद एक गाड़ी अभिषेक की है। 


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