बैंकों का विलय… जानिए क्या होगा आपके लोन, एफडी और चेक बुक पर असर?

बैंकों का विलय… जानिए क्या होगा आपके लोन, एफडी और चेक बुक पर असर?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ही झटके में देश के बैंकिंग ढांचे को पूरी तरह से बदल देने वाला एलान किया. उन्होंने 10 सरकारी बैंकों के विलय का एलान किया। इससे देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी। यह ऐसा फैसला है, जिसका सरकारी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट या सेविंग्स अकाउंट रखने वाले करीब हर आदमी पर पड़ने की संभावना है।

जानिए क्या होगा आप पर असर

आपको नए चेकबुक के लिए तैयार रहना चाहिए. इसकी वजह यह है कि 10 सरकारी बैंकों के विलय का असर बड़ी संख्या में ग्राहकों पर पड़ेगा. हालांकि, मौजूदा चेकबुक कुछ समय तक वैध रहती है. बाद में ग्राहकों को विलय के बाद उस बैंक की चेकबुक जारी कर दी जाएगी, जिसमें उनके बैंक का विलय होगा.

आपने ईसीएस के जरिए डिविडेंड बैंक खाते में मंगाने, सैलरी के ऑटो क्रेडिट और कई तरह के बिल के पेमेंट के लिए अपना बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड दिया होगा. विलय की प्रकिया पूरी होने के बाद आपको इन कामों के लिए अपने बदले बैंक अकाउंट की जानकारी देनी पड़ेगी.
 
 विलय होने वाले बैंक के क्रेडिट कार्ड रखने वाले ग्राहकों को विलय के बाद उस बैंक का क्रेडिट कार्ड जारी किया जाएगा जिस बैंक में उनका विलय होगा. हालांकि, ग्राहकों को किसी तरह का दिक्कत न हो, इसलिए विलय हो रहे बैंक का क्रेडिट कार्ड कुछ दिन तक वैध बना रहेगा.
 
 विलय हो रहे बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट रखने वाले ग्राहकों को थोड़ा पेपरवर्क करना होगा, क्योंकि आखिर में फिक्स्ड डिपॉजिट को एंकर बैंक में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विलय होने वाले बैंकों से लोन लेने वाले ग्राहकों के ब्याज दर में किस तरह का बदलाव होगा. इसकी वजह यह है कि अभी बैंकों के एमसीएलआर रेट अलग-अलग हैं.
 
 शेयर बाजार में सूचीबद्ध बैंकों के शेयरधारकों पर भी इस विलय का असर पड़ेगा. शेयरों के स्वॉप रेशियो का एलान बाद में होगा. इसका मतलब यह है कि विलय हो रहे बैंक के शेयर रखने वाले व्यक्ति को उन शेयरों के बदले एंकर बैंक के शेयर जारी किए जाएंगे. इसका अनुपात बैंक बाद में बताएंगे.

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