प्रशांत किशोर के सियासी पारी पर क्या है राजद, बीजेपी और जदयू की सोच, कितना असर डालेंगे, जान लीजिए

प्रशांत किशोर के सियासी पारी पर क्या है राजद, बीजेपी और जदयू की सोच, कितना असर डालेंगे, जान लीजिए

PATNA : प्रशांत किशोर की बिहार में राजनीतिक पारी शुरू करने को बिहार के प्रमुख दलों ने अपनी अलग अलग प्रतिक्रिया दी है। जहां बीजेपी ने कहा है कि प्रशांत किशोर अब बेरोजगार हो गए हैं और उन्हें कोई भी पार्टी अपने साथ नहीं रखना चाहती है। वहीं राजद ने भी कहा कि प्रशांत किशोर के आने से राजद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राजद का कहना है कि प्रशांत किशोर की सारी रणनीति फेल हो चुकी है। ऐसी ही प्रतिक्रिया जदयू की तरफ से दी गई है।

मंडल का नेता भी पीके से बढ़िया रणनीतिकार

प्रशांत किशोर की नई पार्टी बनाने की घोषणा को लेकर भाजपा प्रवक्ता विनोद शर्मी ने उन्हें इवेंट मैनेजर करार दिया है। जो अभी पूरी तरह से बेरोगगार हैं। यूपी में उनकी रणनीति के कारण कांग्रेस की क्या दुर्गति हुई है, यह सभी ने देखा है। जिसके बाद अब सभी पार्टियां उनसे दूरी बनाने में लग गई है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि उनके जन सुराज का कोई फायदा नहीं होगा। उनसे बेहतर रणनीति मंडल का नेता बना सकता है। उनके लिए बेहतर है कि वह किसी पार्टी से सेटलमेंट कर लें।

राजद ने कहा - कोई फर्क नहीं पड़ता

पीके की पार्टी को लेकर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि राजद को कभी भी राजद से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि हमारे पास एक ओजस्वी नेता है। जिसका नाम तेजस्वी यादव है। विधानसभा चुनाव में सबने देखा है कि कैसे एक तरफ तमाम बड़े नेता 32 हेलीकॉप्टर के साथ प्रचार कर रहे थे। वहीं अकेले तेजस्वी सभी पर भारी पड़े। तेजस्वी जनता के नेता बन चुके हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर के आने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

जदयू ने कहा – हम नहीं जानते क्या करेंगे

जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि पीके ने बिहार में बहुत पहले बिहार में अपनी गतिविधियां शुरू की थी। लेकिन फिर उन्होंने बिहार में कोई काम नहीं किया। वह क्या करेंगे। यह नहीं पता। लेकिन, वह जो भी करेंगें. उसका बिहार में नीतीश सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नीतीश सरकार 2025 तक अपना कार्यकाल पूरा करेगी। 


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