बड़ा सवालः परिवहन विभाग ने अपना आदेश क्यों बदला? भ्रष्टाचार के आरोपी MVI की पोस्टिंग कर 48 घंटे में ही लिया था यू-टर्न, अब जवाब देने से कतरा रहे अफसर

बड़ा सवालः परिवहन विभाग ने अपना आदेश क्यों बदला? भ्रष्टाचार के आरोपी MVI की पोस्टिंग कर 48 घंटे में ही लिया था यू-टर्न, अब जवाब देने से कतरा रहे अफसर

पटनाः भ्रष्टाचार के आरोपी मोटरयान निरीक्षक अमिताभ कुमार मामले में परिवहन विभाग बैकफुट पर है। विभाग ने 22 जून को 4 सालों से निलंबित एमवीआई अमिताभ कुमार को निलंबन मुक्त कर फील्ड पोस्टिंग के तहत भोजपुर पदस्थापित किया. 48 घंटे में ही विभाग ने यू-टर्न लेते हुए उन्हें भोजपुर से वापस कर मुख्यालय में पोस्टिंग कर दी. परिवहन विभाग के इस आदेश से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर ऐसी क्या मजबूरी आई जिस वजह से परिवहन विभाग को अपना आदेश बदलना पड़ा? क्या भोजपुर में पदस्थापित कर विभाग ने गलती की थी?  न्यूज4नेशन ने जब इस सवाल पर पड़ताल शुरू किया तो विभाग के अधिकारी दूरी बनाने लगे। ऐसा लगा जैसे परिवहन विभाग के अधिकारी इस सवाल से बचना चाह रहे हों, या फिर और अधिक विवाद में नहीं पड़ना चाह रहे।  

परिवहन विभाग ने अपना आदेश क्यों बदला? 

बता दें, आय से अधिक संपत्ति केस में 2018 से निलंबित मोटरयान निरीक्षक अमिताभ कुमार को 22 जून को निलंबन मुक्त कर परिवहन विभाग ने पोस्टिंग कर दिया। उन्हें भोजपुर जिले की कमान दी गई। विभाग के उप सचिव के स्तर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया। लेकिन विभाग इस आदेश पर 48 घंटे भी अडिग नहीं रहा। दो दिन बाद यानि 24 जून को विभाग ने अपना आदेश बदल लिया। फिर से उप सचिव के स्तर से आदेश जारी हुआ। उस आदेश में बताया गया कि अब अमिताभ कुमार भोजपुर के एमवीआई नहीं रहेंगे। उन्हें अब परिवहन मुख्यालय में एमवीआई की खाली सीट पर पोस्टिंग की जाती है। परिवहन विभाग द्वारा आनन-फानन में भोजपुर पोस्टिंग फिर अचानक उसमें बदलाव कर पटना मुख्यालय में पदस्थापन के बाद अब यह चर्चा जारी है कि कौन सी मजबूरी रही, जिस वजह से विभाग को अपना आदेश बदलना पड़ा। 

सवाल से दूर भाग रहे परिवहन विभाग के अफसर 

इस पूरे प्रकरण में परिवहन विभाग कटघरे में है। बिहार के सत्ता के गलियारे में उठ रहे इस सवाल का जवाब कौन देगा ? न्यूज4नेशन ने इस सवाल पर पड़ताल किया. हमने सबसे पहले 22 और 24 जून को आदेश जारी करने वाले डिप्टी सेक्रेट्री से जानकारी चाही। हम उनसे जानना चाह रहे थे कि आखिर 48 घंटे में आदेश क्यों बदलना पड़ा? कौन सी ऐसी परिस्थिति आई जिस वजह से भ्रष्टाचार के आरोपी एमवीआई अमिताभ कुमार को भोजपुर से हटा दिया गया। 2 दिन के अंदर ही उन्हें भोजपुर से पटना क्यों पोस्टिंग की गई? हमने डिप्टी सेक्रेट्री शैलेन्द्र नाथ के सरकारी मोबाईल नंबर 6202751107 पर कई दफे फोन किया। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। शायद वो समझ गये कि इसी सवाल को लेकर फोन आ रहा है। इसके बाद हमने इनके दूसरे नंबर पर व्हाट्सएप्प मैसेज कर सवाल के संबंध में जवाब चाहा। उन्होंने सवाल पढ़ा लेकिन जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। फिर हमने परिवहन विभाग के कमिश्नर सीमा त्रिपाठी के दफ्तर में फोन किया। उधर से कहा गया कि मैडम अभी नहीं है। फिर हमने परिवहन आयुक्त के सरकारी मोबाईल नंबर पर भी फोन कर सवाल का जवाब चाहा। लेकिन कमिश्नर ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। 

...तो यह है सही जवाब? 

जब परिवहन विभाग के अधिकारी इस सवाल से बचने की कोशिश करने लगे तो हमने विशेषज्ञों से भी जानकारी चाही। यही बताया जा रहा कि भ्रष्टाचार के आरोपी को सीधे फील्ड पोस्टिंग देने से सरकार कटघरे में आ गई थी। मीडिया में खबर आने के बाद परिवहन विभाग पर सवाल उठने लगे थे। सरकार के वरीय अधिकारी इस मामले में हरकत में आये,तब जाकर विभाग ने अपना आदेश वापस लिया और एमवीआई अमिताभ कुमार को भोजपुर से हटाकर पटना मुख्यालय में पोस्टिंग दी गई। 


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