दिल्ली में पास होंगे नीतीश ? MCD चुनाव में JDU उम्मीदवारों की किस्मत का आज हो रहा है फैसला

दिल्ली में पास होंगे नीतीश ? MCD चुनाव में JDU उम्मीदवारों की किस्मत का आज हो रहा है फैसला

पटना/ दिल्ली. जदयू के वृहद स्तर पर राष्ट्रीय विस्तार की बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपने की बड़ी परीक्षा रविवार को दिल्ली में होगी। दिल्ली में चार दिसंबर यानी रविवार को नगर निगम चुनाव के लिए मतदान की शुरुआत हो गई है। दिल्ली के 250 वार्डों के लिए मतदान की शुरुआत सुबह आठ बजे से हो गई है। मतदान शाम 5:30 बजे तक किए जाएंगे। 

दिल्ली एमसीडी पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है। भाजपा 2007 से एमसीडी की सत्ता में है और चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। हालांकि इस बार एमसीडी चुनाव कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच है। भाजपा और ‘आप’ के 250 उम्मीदवार आज चुनाव मैदान में है जबकि कांग्रेस के केवल 247 उम्मीदवार अपनी किस्मत निगम चुनावों में आजमा रहे है। वहीं इस जदयू ने दिल्ली में MCD चुनाव में 22 सीटों पर उम्मीदवार उतारा है। दिल्ली में बड़ी संख्या में रहने वाले बिहार मूल के लोगों को जदयू की ओर आकर्षित करने के मकसद से नीतीश ने यह बड़ा दांव खेला है।

दिल्ली के चुनाव में बिहार और पूर्वांचल के मतदाता हालिया दशकों में जीत-हार में अहम भूमिका निभाने लगे हैं। MCD में भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही दल बिहार के मतदाताओं की भूमिका को समझते रही है और कई बिहार मूल के नेताओं को प्रचार में उतारी है। इस बार जदयू ने इसमें सेंधमारी करने की कोशिश की है। पार्टी काफी जोरशोर से उन 22 सीटों पर सक्रिय है जहाँ सबसे ज्यादा बिहार मतदाताओं की संख्या है।


हालांकि इतिहास पर गौर करें तो जदयू इसके पहले भी दिल्ली में चुनावी खाता खोलने के लिए जोर लगा चुकी है। दिल्ली के पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू ने बीजेपी के साथ मिलकर 2 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके बावजूद जदयू को कोई सफलता नहीं मिली। ऐसे में इस बार जदयू की नजर एमसीडी चुनाव पर है। पार्टी ने MCD चुनाव के बहाने अपनी ताकत दिल्ली में लगाई है। ऐसे में अब देखना होगा कि नीतीश का सपना कितना साकार होता है। 

दिल्ली नगर निगम के 250 वार्डों पर होने वाले चुनाव के लिए 13,638 मतदान केंद्र और 68 पिंक पोलिंग बूथों पर वोटिंग हो रही है। इस बार चुनाव में 1336 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिसमें 709 महिला प्रत्याशी हैं। दिल्ली में 104 सीटें पुरुषों के लिए रिजर्व है जबकि 104 सीट महिलाओं के लिए रिजर्व है। वहीं, 42 सीट एससी के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों के लिए आज कुल 1,46,73,847 मतदाता वोट देंगे। इसमें 79,86,705 पुरुष व 66,86,081 महिलाएं और 1,061 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। 

बता दें कि मतदान केंद्रों पर ईसीआईएल कंपनी द्वारा तैयार एम-2 मॉडल की ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया है। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एक मतदान केंद्र ऐसा है जिसका संचालन महिला अधिकारियों द्वारा हो रहा है। जानकारी के मुताबिक इस बार मतदान केंद्रों की संख्या करीब 13,665 होगी जबकि 2017 में मतदान केंद्रों की संख्या 13,138 थी। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार इस चुनाव में किसी उम्मीदवार द्वारा खर्च की अधिकतम सीमा आठ लाख रुपये तय की गई है।


Find Us on Facebook

Trending News