Tejashwi Yadav News: विदेशी जाकर तेजस्वी यादव को सताई माँ 'राबड़ी' की याद, 'जांता' चलाते वीडियो शेयर कर लिखा भावुक कर देने वाला संदेश...

Tejashwi Yadav News: विदेशी जाकर तेजस्वी यादव को सताई माँ 'र

Tejashwi Yadav News: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश दौरे हैं। तेजस्वी यादव अपनी पत्नी और बेटी के साथ बीते शुक्रवार की रात दिल्ली से दुबई के लिए रवाना हो गए। तेजस्वी यादव फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात(दुबई) में ही हैं। वहीं विदेश जाने के दूसरे दिन ही तेजस्वी यादव में उनकी माँ राबड़ी देवी की याद सताने लगी है। तेजस्वी यादव ने अपनी माँ और बिहार के पूर्व सीएम राबड़ी देवी के लिए खास और भावुक कर देने वाला संदेश भी लिखा है। इसके साथ ही तेजस्वी ने अपनी माँ राबड़ी देवी का वीडियो भी अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

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दरअसल, तेजस्वी यादव सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। बिहार सरकार को घेरने के साथ साथ तेजस्वी अक्सर अपने परिवार के खूबसूरत पलों को भी शेयर करते रहते हैं। फिलहाल तेजस्वी विदेश में हैं। इसी बीच उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर अपनी माँ की वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में बिहार की पूर्व सीएम एक आम महिलाओं की भांति तिड़पाल पर बैठकर 'जांता' चलाती हुई दिख रही है। राबड़ी देवी 'जांता' में मसूर दाल पिसती दिख रही हैं। वहीं साथ ही वो गेंहू साफ करती भी नजर आ रही हैं। 


वहीं तेजस्वी ने इस वीडियो के साथ भावुक करने वाला संदेश भी अपने माँ के लिए लिखा हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर राबड़ी देवी का वीडियो शेयर कर लिखा है कि, "जीवन का संबल है माँ! जीवन का आस-विश्वास, सार-प्यार,  प्रतिमान और आर्शीवचन है माँ !"। तेजस्वी फिलहाल विदेश में हैं। वो बीते 20 सितंबर को विदेश के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं विदेश दौरे के दूसरे दिन ही उन्होंने अपनी माँ राबड़ी देवी के लिए खास संदेश लिखा है। तेजस्वी यादव का यह संदेश भावुक करने वाला है।

बता दें कि, तेजस्वी यादव अक्सर अपनी माँ राबड़ी देवी का जांता चलाते हुए वीडियो शेयर करते रहते हैं। कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव ने अपनी माँ राबड़ी देवी और अपनी पत्नी राजश्री का वीडियो भी शेयर किया था। जिसमें राबड़ी देवी बड़े ही प्यार से अपनी बहू को 'जांता' चलाना सीखा रही थी। तेजस्वी ने अब एक बार फिर से अपनी माँ राबड़ी देवी का जांता चलाते हुए वीडियो शेयर किया है, जिससे वो अपने परिवार के ग्राम्य जुड़ाव और तकनीक के युग में भी परंपरागत चीजों के उपयोग से जुड़े रहने का संदेश दिया है।