मुकेश सहनी की संजय निषाद को खुली चुनौती: '6 महीने में दिलाएं आरक्षण या छोड़ें भाजपा का साथ'

लखनऊ में मुकेश सहनी का बड़ा धमाका: संजय निषाद को दिया 6 महीने का अल्टीमेटम। कहा— या तो आरक्षण दिलाएं या भाजपा छोड़ें। भाजपा पर लगाया संजय निषाद की 'राजनीतिक हत्या' की साजिश का आरोप।

मुकेश सहनी की संजय निषाद को खुली चुनौती: '6 महीने में दिलाएं

Lucknow - विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। शनिवार को लखनऊ में एक प्रेस वार्ता के दौरान सहनी ने डॉ. संजय निषाद पर तीखा हमला बोला और उन्हें समाज के हक के लिए अल्टीमेटम दे दिया। सहनी ने दो टूक कहा कि अगर संजय निषाद वाकई निषाद समाज के हितैषी हैं, तो अगले 6 महीनों के भीतर भाजपा सरकार से आरक्षण दिलाएं, वरना सत्ता का मोह छोड़कर इंडिया गठबंधन में शामिल हों।

'संजय निषाद की राजनीतिक हत्या की साजिश रच रही भाजपा'

मुकेश सहनी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टी संजय निषाद की 'राजनीतिक हत्या' करने की तैयारी में है। सहनी के मुताबिक, भाजपा छोटे दलों को केवल इस्तेमाल करती है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव तक संजय निषाद को मुख्यधारा से बाहर करने की पटकथा लिखी जा चुकी है। उन्होंने आगाह किया कि निषाद समाज के समर्थन से नेता बनने वाले लोग अगर परिवारवाद और सत्ता के लालच में फंसेंगे, तो जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

यूपी में 101 दिनों की यात्रा और 90% टिकट निषादों को

उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार की घोषणा करते हुए मुकेश सहनी ने बताया कि वीआईपी पार्टी आगामी 25 जुलाई से '101 दिवसीय जन जागरूकता यात्रा' शुरू करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य निषाद समाज को उनके अधिकारों के प्रति एकजुट करना है। सहनी ने एक बड़ा चुनावी दांव खेलते हुए ऐलान किया कि आगामी चुनावों में उनकी पार्टी को गठबंधन के तहत जितनी भी सीटें मिलेंगी, उनमें से 90 प्रतिशत सीटों पर केवल निषाद समाज के उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाएगा।

'भाजपा के लिए भलाई नहीं, सिर्फ सत्ता है मंजिल'

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सहनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों से वे निषाद आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन भाजपा ने समाधान देने के बजाय बिहार में उनके विधायकों को ही खरीद लिया। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए जनता की भलाई कोई मायने नहीं रखती, उनका एकमात्र लक्ष्य किसी भी तरह सत्ता पाना है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यूपी में पूरी ताकत से संगठन को मजबूत कर रहे हैं और आगामी चुनाव में वीआईपी पार्टी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

"बड़े भाई" को नसीहत: इंडिया गठबंधन में आएं संजय निषाद

मुकेश सहनी ने संजय निषाद को अपना बड़ा भाई बताते हुए नसीहत दी कि वे समाज के आरक्षण के लिए लड़ें न कि परिवार के पदों के लिए। उन्होंने कहा कि अगर संजय निषाद भाजपा छोड़कर इंडिया गठबंधन में आते हैं, तो वे (मुकेश सहनी) खुद उनके नेतृत्व में काम करने को तैयार हैं। सहनी ने याद दिलाया कि 2016 और 2021 में उन्होंने यूपी में जो जमीन तैयार की थी, उसका लाभ उठाकर लोग सत्ता में तो पहुंच गए, लेकिन समाज आज भी आरक्षण के लिए खाली हाथ खड़ा है।