UP News : माफिया मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी आफ्शां अंसारी पर पुलिस ने कसा शिकंजा, दो जिलों में सात टीमों ने की ताबड़तोड़ छापेमारी
UP News : मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी और एक लाख रुपये की इनामी आफ्शां अंसारी पर पुलिस ने शिकंजा कसा है. इसी कड़ी में पुलिस की सात टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की.....पढ़िए आगे
UP NEWS : माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद भी पुलिस का 'एक्शन मोड' जारी है। मुख्तार की फरार पत्नी और एक लाख रुपये की इनामी आफ्शां अंसारी की गिरफ्तारी के लिए रविवार को मऊ और गाजीपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ा अभियान चलाया। सात विशेष टीमों ने दोनों जिलों के संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे आईएस-191 (IS-191) गैंग से जुड़े सदस्यों में हड़कंप मच गया है।
मऊ में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के घर दस्तक
रविवार सुबह करीब नौ बजे पुलिस की टीम मऊ के मिर्जाहादीपुरा पहुंची, जहां पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष तैय्यब पालकी के आवास पर करीब एक घंटे तक सघन पूछताछ की गई। हालांकि, सूत्रों के अनुसार यहां से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने कोपागंज के लीलारी भरारी निवासी अरविंद कुमार सिंह और सरायलखंसी के उमेश सिंह के घरों पर भी दबिश दी।
गाजीपुर में करीबियों और रिश्तेदारों पर दबाव
दूसरी तरफ, गाजीपुर पुलिस ने मोहम्मदाबाद के मंगल बाजार में मुख्तार के चचेरे भाई मंसूर अहमद अंसारी और गौस मुइनुद्दीन उर्फ तन्नू अंसारी से कई बिंदुओं पर पूछताछ की। इसके अलावा, सैदपुर के सिकंदरा गांव में लालजी यादव से भी पुलिस ने आफ्शां अंसारी के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस का मानना है कि करीबी रिश्तेदारों और सहयोगियों पर दबाव बनाकर फरार आरोपी तक पहुँचा जा सकता है।
गैंगस्टर समेत 14 मामले दर्ज, तीन साल से फरार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आफ्शां अंसारी के खिलाफ मऊ में गैंगस्टर एक्ट समेत 4 और गाजीपुर में 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह पिछले तीन वर्षों से लगातार फरार चल रही हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए मऊ और गाजीपुर पुलिस ने 50-50 हजार रुपये (कुल एक लाख रुपये) का इनाम घोषित कर रखा है। पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
गैंग में हड़कंप, कई सदस्य भूमिगत
लगातार हो रही पुलिसिया कार्रवाई के कारण मुख्तार गैंग से जुड़े कई सदस्य भूमिगत हो गए हैं, जबकि कुछ अपने ठिकाने बदल रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आफ्शां अंसारी की गिरफ्तारी तक दबिश जारी रहेगी। पुलिस की टीमें डिजिटल और मैन्युअल सर्विलांस के जरिए संभावित ठिकानों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी की मौत 28 मार्च 2024 को हो चुकी है, लेकिन पुलिस अब उसके अवैध साम्राज्य और फरार सहयोगियों पर शिकंजा कस रही है।