Ram Navami 2026: भय प्रकट कृपाला... 12 बजे सूर्यदेव ने किया रामलला का 'राजतिलक', 9 मिनट तक ललाट पर थमी रही किरणें

Ram Navami 2026: रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब दोपहर अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे भगवान के ललाट पर पड़ीं.

रामलला
रामलला का सूर्य तिलक - फोटो : News4nation

Ram Navami 2026: देशभर मे रामनवमी का त्योहार धूम-धाम से मनाया जा रहा है। रामनवमी के पावन अवसर पर भक्त भगवा रंग में रंगे हुए हैं। मंदिरों में जय श्रीराम के नारे गुंज रहे हैं। रामनवमी के दिन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अयोध्या में भव्य आयोजन किया गया।

12 बजे हुआ सूर्य तिलक

ठीक दोपहर 12 बजे भगवान रामलला का सूर्य तिलक किया गया। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह रामलला का दूसरा सूर्य तिलक रहा। अभिजीत मुहूर्त में हुए इस अद्भुत क्षण के दौरान करीब 9 मिनट तक सूर्य की किरणें भगवान के ललाट पर पड़ीं।

नरेंद्र मोदी ने बने साक्षी 

इस ऐतिहासिक पल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टीवी के माध्यम से देखा। सूर्य तिलक के साथ ही भगवान राम के जन्मोत्सव का शुभ क्षण माना गया। इस दौरान गर्भगृह में 14 पुजारी मौजूद रहे, जिन्होंने विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न कराई।

रामलला को 56 भोग लगे

इसके बाद कुछ समय के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए गए और भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। सूर्य तिलक के लिए विशेष वैज्ञानिक व्यवस्था की गई थी। अष्टधातु के 20 पाइपों से 65 फीट लंबा सिस्टम तैयार किया गया, जिसमें 4 लेंस और 4 दर्पणों के जरिए सूर्य की किरणों को सीधे गर्भगृह में रामलला के मस्तक तक पहुंचाया गया।

भव्य रुप में सजे रामलला

रामनवमी के मौके पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। सुबह 5:30 बजे आरती के साथ दिन की शुरुआत हुई और भगवान को विशेष पीतांबर वस्त्र पहनाए गए, जो असम के एरी सिल्क से तैयार किए गए हैं। इन दिव्य वस्त्रों को तैयार करने में तीन महीने से अधिक समय लगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन का समय भी बढ़ा दिया गया है।

18 घंटे तक होंगे दर्शन 

अब सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक यानी 18 घंटे तक दर्शन हो रहे हैं। अनुमान है कि आज करीब 10 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि परिसर में लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, विशेष कार्य बल और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 

डॉग स्क्वाड द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और घाटों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा है। रामनगरी में सरयू स्नान के बाद श्रद्धालु मंदिरों की ओर बढ़ रहे हैं और हर तरफ “जय श्रीराम” के जयघोष गूंज रहे हैं। भजन-कीर्तन और पारंपरिक सोहर गीतों के बीच भगवान राम के जन्मोत्सव का उल्लास चरम पर है।