Earthquake News: 6.5 तीव्रता से हिली धरती, भूकंप के झटके से सहमे लोग, 2 की मौत, 12 घायल
Earthquake News: भूकंप के तेज झटके से लोग सहम गए और घरों से बाहर निकल गए। भूकंप 6.5 की तीव्रता से आया। इस घटना में 2 की मौत हो गई है। वहीं 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
Earthquake News: भूकंप से जुड़े मामले इन दिनों बढ़ती नजर आ रही है। देश विदेश में भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। एक बार फिर भूकंप के झटके से लोगों में दहशत फैल गई है। भूकंप के कारण अब तक 2 लोगों की जान चली गई है तो वहीं 12 लोग घायल हैं। मामला मेक्सिको का है। जहां शुक्रवार को तेज झटके महसूस किए गए हैं। जानकारी अनुसार दक्षिणी और मध्य मेक्सिको में आए भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई। भूकंप के झटके महसूस होते ही मैक्सिको सिटी और अकापुल्को में लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर दौड़ पड़े।
6.5 की तीव्रता से आया भूकंप
मेक्सिको की राष्ट्रीय भूकंपीय एजेंसी के अनुसार, शुक्रवार को आए भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.5 मापी गई। भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 7 बजकर 28 मिनट पर आया। इसका केंद्र दक्षिणी राज्य गुरेरो के सैन मार्कोस शहर के पास, प्रशांत तट पर स्थित अकापुल्को रिसॉर्ट के नजदीक था। भूकंप का केंद्र धरती से करीब 40 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है।
राष्ट्रपति का प्रेस कॉफ्रेंस भी हुआ बाधित
इस भूकंप के कारण मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम की नए साल की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कुछ समय के लिए बाधित हो गई। हालांकि हालात सामान्य होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस दोबारा शुरू की गई। राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने गुरेरो की गवर्नर से स्थिति की जानकारी ली है। राष्ट्रीय भूकंपीय एजेंसी के मुताबिक, भूकंप में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
भूकंप में 2 की गई जान
गुरेरो में एक घर ढहने से एक महिला की मौत हो गई, वहीं मैक्सिको सिटी में बचाव कार्य के दौरान एक व्यक्ति के गिरने से जान चली गई। राहत की बात यह रही कि बड़े पैमाने पर नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। इससे पहले गुरुवार को भारत के पड़ोसी देश भूटान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूटान में आए भूकंप की तीव्रता 3.5 थी और इसका केंद्र धरती से पांच किलोमीटर की गहराई में था। वहीं म्यांमार में भी गुरुवार को 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।