Crime News: 3 साल में 700 दरिंदे ने किया गंदा काम, जिस्म के बाजार पर यूके एमपी के बयान से मचा हड़कंप , बताई खौफनाक सच, ज्यादातर आरोपी पाकिस्तानी मूल के

Crime News: एक महज 13 साल की मासूम बच्ची को अगवा कर, नशे की सुइयां देकर पिंजरे में क़ैद कर दिया जाता था।...

UK  MP Exposes Horrific Abuse of Minor 700 brutes did dirty
3 साल में 700 दरिंदे ने किया गंदा काम- फोटो : social Media

Crime News: एक महज 13 साल की मासूम बच्ची को अगवा  कर, नशे की सुइयां देकर पिंजरे में कैद कर दिया जाता था। जुर्म की इंतिहा तो देखिए कि तीन साल के अंदर तरीबन 600 से 700 अलग-अलग दरिंदों ने हवस का खेल खेला। जब मन नहीं भरा, तो एक वहशी ने जबरदस्ती शीशे की बोतल प्राइवेट पार्ट में डालकर तोड़ दी। ब्रिटेन की पार्लियामेंट में जब सांसद रूपर्ट लोव ने ग्रूमिंग गैंग की दरिंदगी की दास्तान पढ़नी शुरू की, तो सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। यह कोई मामूली जुर्म नहीं, बल्कि इंसानी खाल में छिपे भेड़ियों की वो साज़िश है जिसने हज़ारों मासूमों की ज़िंदगी को जीते-जी जहन्नुम बना दिया। इस घिनौने रैकेट की ज़द में आई एक मासूम की गवाही ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है।

संसद में पेश की गई गवाही के मुताबिक, एक महज़ 13 साल की मासूम बच्ची को अगवा  कर, नशे की सुइयां देकर पिंजरे में क़ैद कर दिया जाता था। जुर्म की इंतिहा तो देखिए कि तीन साल के अंदर तक़रीबन 600 से 700 अलग-अलग दरिंदों ने हवस का खेल खेला। जब मन नहीं भरा, तो एक वहशी ने ज़बरदस्ती शीशे की बोतल प्राइवेट पार्ट में डालकर तोड़ दी।

विरोध करने पर 'जान से मारने की धमकी और पूरे कुनबे को तबाह करने का ख़ौफ़ दिखाया जाता था।

इस पूरे गोरखधंधे का सबसे घिनौना पहलू इसका ढर्रा है। रूपर्ट लोव के मुताबिक, इस नेक्सस में शामिल ज़्यादातर आरोपी पाकिस्तानी मूल के हैं, जो गोरी और ईसाई लड़कियों को 'कमतर' आंककर अपने गुनाह को जायज़ ठहराते थे।

हैरत की बात यह है कि जिन कंधों पर हिफाजत की ज़िम्मेदारी थी, वही इस घिनौने खेल के हिस्सेदार (पार्टीदार) निकले। पीड़ित ने रोते हुए बताया कि मुल्क के कई पुलिस अफसरों ने भी उसका रेप किया। जब वह अस्पताल पहुंची, तो वहां के स्टाफ ने भी इस ज़ुल्म-ओ-सितम पर आंखें मूंद लीं।यह कोई आज की बात नहीं है। ब्रिटेन के रोदरहम, रोशडेल और ओल्डहैम जैसे कम से कम 85 इलाक़ों में यह ऑर्गनाइज़्ड क्राइम (संगठित अपराध) 1990 के दशक से पैर पसारे हुए है। आरोपी पहले 'ग्रूमिंग' यानी हमदर्दी का नाटक कर भरोसा जीतते हैं, फिर ब्लैकमेल, ड्रग्स और तशद्दुद (हिंसा) के दम पर जिस्म नोचते हैं। ब्रिटिश सांसद ने साफ़ कह दिया है कि अब इस हैवानियत पर खामोश रहना नामुमकिन है, और इन गुनहगारों को उनके अंजाम तक पहुंचाना ही होगा।