एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून, दीपक प्रकाश को झटका, राजद का बड़ा दांव

एमएलसी चुनाव को लेकर बिहार में सियासी खींचतान का दौर जारी है. नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून होने के बाद भी अब तक दीपक प्रकाश और राजद उम्मीदवार को लेकर असमंजस बना है

Bihar MLC elections- फोटो : news4nation

Bihar MLC elections: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए 8 जून को नामांकन की अंतिम तिथि है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने सभी नौ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अब तक अपने एकमात्र उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पाया है।


243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में मौजूद संख्या बल के आधार पर विधान परिषद की 10 सीटों में से नौ सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट महागठबंधन के खाते में जाने की संभावना है। यही वजह है कि एनडीए ने समय रहते अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुनावी गणित को स्पष्ट कर दिया है।


एनडीए की ओर से भारतीय जनता पार्टी ने चार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पार्टी ने चार सीटों के लिए जिन नामों पर मुहर लगाई है, उनमें भोजपुरी फिल्म अभिनेता और पावर स्टार पवन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख संजय मयूख, वरिष्ठ नेता अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित शामिल हैं। दूसरी तरफ, नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने निशांत कुमार, भारती मेहता,  शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को अपना प्रत्याशी बनाया है।


चिराग का मुस्लिम कार्ड 

इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने एक सीट पर अपने उम्मीदवार का नाम तय कर दिया है। चिराग पासवान की पार्टी की ओर से कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को मैदान में उतारा गया है। पार्टी की तरफ से जारी सरकारी लेटर के मुताबिक, केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने काफी सोच-विचार करने के बाद अशरफ अंसारी के नाम पर अपनी अंतिम मंजूरी दी है। चिराग पासवान के इस फैसले को बिहार की राजनीति में एक बड़ा मुस्लिम कार्ड और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस तरह एनडीए ने नौ सीटों पर अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर चुनावी तस्वीर लगभग साफ कर दी है।


राजद में असमंजस

दूसरी ओर महागठबंधन के सामने उम्मीदवार चयन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से राजद एक सीट जीतने की स्थिति में है, लेकिन पार्टी अब तक अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं कर सकी है। बताया जा रहा है कि कई नामों पर विचार-विमर्श चल रहा है और अंतिम फैसला राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को लेना है। इसी कारण उम्मीदवार की घोषणा में देरी हो रही है। 


दीपक प्रकाश पर संशय 

उधर बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने की चर्चाओं के बीच भी राजनीतिक समीकरणों का पेंच फंसा हुआ बताया जा रहा है। एनडीए द्वारा उम्मीदवारों की सूची लगभग पूरी किए जाने के बाद उनके नाम को लेकर अटकलों का दौर जारी है।


बड़े उलटफेर की संभावना

नामांकन की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ अब सभी की निगाहें राजद के उम्मीदवार और संभावित निर्विरोध चुनाव की स्थिति पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संख्या बल के मौजूदा समीकरणों को देखते हुए चुनाव परिणामों में किसी बड़े उलटफेर की संभावना बेहद कम है।