भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं की सुनवाई, जानिए कोर्ट की अहम टिप्पणी, याचिकाकर्ता को अब करना होगा यह काम

r Bharat Bhushan Tiwari encounter - फोटो : news4nation

Bharat Bhushan Tiwari encounter : चर्चित भरत भूषण तिवारी इनकाउंटर मामलें दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच कराए जाने से इन्कार कर दिया। जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता बाली पीठ  ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि इस सम्बन्ध में याचिका सम्बन्धित हाईकोर्ट में दायर करना उचित होगा। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल तिवारी ने इस जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट से इस मामलें की जांच सीबीआई से कराए जाने मांग की।साथ ही सम्बन्धित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दायर करने की मांग की।उनहोंने सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश के अध्यक्षता में इस मामलें की स्वतंत्र जांच कराए मांग की। कोर्ट ने उन्हें सुझाव दिया कि इस मामलें को सम्बन्धित हाईकोर्ट के समक्ष रखें।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामलें की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट उचित मंच हैं। 


 इससे पूर्व पटना हाईकोर्ट में भोजपुर जिले के शाहपुर थाने के अंतर्गत युवक भरत भूषण तिवारी के तथाकथित पुलिस इनकाउंटर की निष्पक्ष  जांच कराने  के लिये एक जनहित याचिका दायर की गयी थी।अधिवक्ता मुकेश कुमार  ने इस मामलें की जांच  एवं दोषी पुलिस पदाधिकारी, जिन्हें सरकारी तंत्र तथाकथित तौर पर बचा रहा, उन्हें कानूनी कटघरे में खड़ा करने हेतु एक जनहित याचिका दायर की थी।  इस जनहित मामले की त्वरित सुनवाई के लिए  को उन्होंने चीफ जस्टिस के खंडपीठ के समक्ष गुहार लगाई गई थीं । अधिवक्ता मुकेश कुमार ने आरोप लगाया था कि पूरे घटनाक्रम में एक ओर स्थानीय पुलिस भरत तिवारी के हाथ में पिस्तौल चमकाने का  वीडियो बना कर अपनी निष्क्रियता स्पष्ट रूप से दिखाया ।


अधिवकता मुकेश कुमार  का कहना था कि न  तो उसकी कोई गिरफ्तारी होती है और न कोई हथियार जब्त होता हैं। अचानक अगले दिन उसका तथाकथित इन काउंटर हो जाता है। यह प्रथम दृष्टया हत्या का मामला है, जिस पर न कोई कानूनी कारवाई या निष्पक्ष जांच सरकारी तंत्र की तरफ से किया जा रहा है । उन्होनें  कहा कि आत्मसमर्पण  को पुलिस द्वारा गोली चलाया निश्चित रूप हत्या है।इस के जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारियों पर  प्राथमिकी दर्ज होना चाहिए। 


गौरतलब है कि ये घटना बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर के बिलौती गांव में घटी,जहां17 जून,2026 को एक तथाकथित पुलिस एनकाउंटर में एक युवक  भरत भूषण तिवारी की मौत हो गयी। युवक तिवारी के परिजनों का दावा था कि फर्जी एनकाउंटर था।उनके पास घटना के समय कोई हथियार नहीं था।उन्होनें  घटना का विरोध किया,पुलिस ने भारत भूषण तिवारी के पिता, भाई व अन्य स्थानीय लोगों विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर दिया। 


दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि  दस बारह राउंड फायरिंग के बाद आत्मरक्षार्थ गोली चलाने पडी, भरत भूषण तिवारी की मृत्यु हो गई। इस घटना में शामिल चार पुलिसकर्मियों आरम्भिक रूप में  निलम्बित कर दिया गया।साथ ही एसएचओ,शाहपुर को भी निलम्बित कर दिया गया था। अधिवक्ता मुकेश कुमार का कहना कि जब उन्होंने पटना हाईकोर्ट इस सम्बन्ध में जनहित याचिका दायर की,उसके कार्रवाई प्रारंभ हुआ, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं देखा जा रहा हैं।