केरल विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा को झटका! राज्य में बीजेपी का कमल खिलाने वाले सांसद के खिलाफ चलेगा ट्रायल
केरल में भाजपा का कमल खिलाने की उपलब्धि सुरेश गोपी के माथे है। वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान सुरेश गोपी ने त्रिशूर संसदीय सीट से जीत हासिल की थी।
Kerala Assembly elections : केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी को झटका देते हुए, केरल हाई कोर्ट ने बुधवार को उनके खिलाफ एक चुनाव याचिका को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी और कहा कि उन्हें इस मामले में ट्रायल का सामना करना होगा। जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने गोपी की अर्जी खारिज कर दी, जिसमें चुनाव याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर सवाल उठाया गया था। डिटेल्ड ऑर्डर का इंतजार है।
केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच इसे भाजपा के लिए एक बड़ा झटका भी माना जा रहा है। केरल में भाजपा का कमल खिलाने की उपलब्धि सुरेश गोपी के माथे है। वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान सुरेश गोपी ने त्रिशूर संसदीय सीट से जीत हासिल की थी। उन्हें जून 2024 में गठित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार में मंत्री बनाया गया। सुरेश गोपी मौजूदा समय में केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा के पोस्टर बॉय के रूप में हैं। लेकिन इस बीच अब कोर्ट का आया फैसला न सिर्फ उनके लिए बल्कि भाजपा के लिए चिंता बढ़ाने वाली है।
दरअसल, यह चुनाव याचिका केंद्रीय पेट्रोलियम, नेचुरल गैस और टूरिज्म राज्य मंत्री के खिलाफ त्रिशूर के रहने वाले बिनॉय ए एस ने दायर की थी, जो ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के नेता हैं। अपनी याचिका में, बिनॉय ने आरोप लगाया है कि गोपी, जो 2024 में त्रिशूर लोकसभा सीट से जीते थे, अपने चुनाव अभियान के दौरान धार्मिक प्रतीकों के गलत इस्तेमाल सहित "भ्रष्ट कामों" में शामिल थे।
गोपी, जो एक एक्टर भी हैं, ने केरल में सात दशकों से चले आ रहे राजनीतिक सूखे को खत्म करके BJP के लिए ऐतिहासिक जीत की कहानी लिखी थी। उन्होंने त्रिशूर लोकसभा सीट 74,686 से ज़्यादा वोटों की भारी बढ़त के साथ जीती थी।