LPG Rate Increase:रसोई गैस सिलेंडर फिर हुई महंगी, जनता की जेब पर बढ़ा बोझ, जानिए पटना में कितने में मिलेगा

रविवार से 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। ...

LPG Cylinder Price Hiked by Rs 29 Household Budgets Hit Hard
रसोई गैस सिलेंडर फिर हुई महंगी- फोटो : social Media

LPG Rate Increase: देश की आम अवाम जब शनिवार की रात चैन की नींद की तैयारी कर रही थी, उसी वक्त सरकारी तेल कंपनियां रसोई गैस की कीमतों में एक और इज़ाफ़े की तैयारी में जुटी थीं। रविवार से 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इस फैसले ने पहले से महंगाई की मार झेल रहे करोड़ों परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।पटना में अब 1032 रुपये में  सिलिंडर मिलेगा।

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर अब 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, मुंबई में 941 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये का हो गया है। बिहार में भी इसका सीधा असर देखने को मिला है। राजधानी पटना में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत बढ़कर 1032 रुपये प्रति सिलेंडर पहुंच गई है। इससे राज्य के लाखों उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।

गौरतलब है कि यह पिछले तीन महीनों में घरेलू गैस की दूसरी बड़ी मूल्य वृद्धि है। इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर के दामों में 60 रुपये का इज़ाफ़ा किया गया था। लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग और गरीब तबके के घरेलू बजट का संतुलन बिगाड़ दिया है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर होने लगे हैं और महंगाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

सरकारी तेल कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली या 15 तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं, लेकिन हाल के महीनों में सात तारीख को भी दरों में बदलाव का सिलसिला देखने को मिला है। इससे उपभोक्ताओं में अनिश्चितता और चिंता बढ़ी है।

उद्योग जगत के सूत्रों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और बढ़ती आयात लागत के कारण एलपीजी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं पेट्रोल और डीजल के दामों में भी मई के मध्य से करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर महंगाई की इस मार से राहत कब मिलेगी, क्योंकि रसोई से लेकर सड़क तक बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब और सियासत दोनों को गर्म कर दिया है।