India Flood: बारिश-बाढ़ का रौद्र रूप, सिक्किम में लैंडस्लाइड से नदियों का बहाव तेज, बिहार-UP में जलप्रलय, MP में डैम के गेट खुले

India Flood: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं।...

बारिश-बाढ़ का रौद्र रूप- फोटो : social Media

India Flood: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक बाढ़, लैंडस्लाइड और नदियों के उफान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिक्किम में देर रात हुए लैंडस्लाइड से नदियों का बहाव प्रभावित हुआ, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मध्य प्रदेश में भी नदियां उफान पर हैं और कई बांधों के गेट खोल दिए गए हैं।

सिक्किम में लैंडस्लाइड से नदियों का बहाव रुका

सिक्किम के नगा फॉरेस्ट इलाके में नगा-टोसा रोड की नई सड़क कटिंग पर शनिवार देर रात अचानक लैंडस्लाइड हो गई। यह हादसा थेंग टनल के सामने तीस्ता और च्याकोऊंग नदियों के संगम के पास हुआ। लैंडस्लाइड के कारण मलबा नदी के रास्ते में आ गया, जिससे दोनों नदियों का बहाव रुक गया और आसपास के इलाके में पानी जमा होने लगा। इससे क्षेत्र में खतरे की आशंका बढ़ गई है।

यूपी के 26 जिले प्रभावित 

उत्तर प्रदेश में भी मौसम ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार को राज्य के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रयागराज में गंगा-यमुना के बढ़े जलस्तर का असर घाटों पर भी पड़ा है। घाटों के डूब जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए लोगों को सड़क पर चिताएं जलानी पड़ रही हैं।

बिहार में 18 जिले बाढ़ की चपेट में

बिहार में भी बाढ़ का कहर जारी है। राज्य के 18 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। गांधी घाट पर गंगा ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शनिवार को यहां जलस्तर 50.57 मीटर तक पहुंच गया, जबकि वर्ष 2016 में अधिकतम जलस्तर 50.52 मीटर दर्ज किया गया था। यानी इस बार गंगा ने पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।

MP में नदियां उफान पर, कई डैम के गेट खुले

मध्य प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते हालात चुनौतीपूर्ण हैं। नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। पानी का दबाव बढ़ने के बाद बरगी, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोल दिए गए हैं। प्रदेश में अब तक 30 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बाढ़ के इस विकराल रूप ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है, जबकि मैदानी इलाकों में नदियों के उफान से आबादी और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।