Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुरू किया बजट भाषण, छह स्तंभों के ज़रिये देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की घोषणा
Union Budget 2026: नई दिल्ली के संसद भवन में रविवार को जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट भाषण के लिए खड़ी हुईं, तो उनके पहले ही जुमले ने सियासत का मिज़ाज साफ़ कर दिया।
Union Budget 2026: नई दिल्ली के संसद भवन में रविवार को जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट भाषण के लिए खड़ी हुईं, तो उनके पहले ही जुमले ने सियासत का मिज़ाज साफ़ कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महज़ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि “हमारी महत्वाकांक्षाओं को उपलब्धता में बदलना” है और यह भी सुनिश्चित करना है कि विकास का फल किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, युवा और गरीब तबकों तक बराबरी से पहुंचे। बजट की शुरुआत में ही SC-ST का ज़िक्र कर उन्होंने यह संकेत दे दिया कि इस बार की वित्तीय नीति समावेशी विकास की ज़मीन पर खड़ी होगी।
सीतारमण ने कहा कि आर्थिक विकास को सतत बनाए रखने और वृद्धि की रफ्तार को मजबूत करने के लिए सरकार ने छह अहम क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इन छह स्तंभों के ज़रिये हुकूमत देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत नींव देने का इरादा रखती है।
पहले स्तंभ के तौर पर उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र का ज़िक्र किया। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को अपने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सिर्फ़ घरेलू बाज़ार तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उसे रणनीतिक सीमाओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में ले जाना होगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ को नई जान देने का सियासी ऐलान माना जा रहा है।
दूसरे बिंदु में उन्होंने परंपरा और विरासत को कायम रखने की बात कही। उनका कहना था कि विकास की दौड़ में देश अपनी सांस्कृतिक और आर्थिक परंपराओं को नहीं भूलेगा। यह संदेश ग्रामीण और पारंपरिक अर्थव्यवस्था से जुड़े तबकों के लिए खास अहमियत रखता है।
तीसरे स्तंभ में ‘चैम्पियन एमएसएमई’ के निर्माण की बात कही गई। सीतारमण ने माना कि छोटे और मझोले उद्योग ही रोजगार और आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं। सरकार इन्हें नीति, पूंजी और बाज़ार—तीनों मोर्चों पर ताक़त देगी।
चौथे और पांचवें बिंदु में उन्होंने मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिरता के माहौल पर ज़ोर दिया। उनका कहना था कि बिना भरोसेमंद ढांचे और स्थिर नीतियों के विकास का सपना अधूरा रहता है।
छठे और आख़िरी स्तंभ के तौर पर वित्त मंत्री ने सिटी इकोनॉमिक ज़ोन तैयार करने की घोषणा की। इसके ज़रिये शहरों को आर्थिक इंजन के रूप में विकसित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह बजट भाषण महज़ आर्थिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सियासी इरादों और सामाजिक संतुलन का एलान बनकर सामने आया है—जहां विकास, न्याय और समावेशन एक ही पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं।