SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष एकजुट, 23 राजनीतिक दलों ने CJI को लिखा पत्र, DMK और AAP भी आए साथ

कांग्रेस ने इसे विपक्ष की "SURE (Solidarity, Unity and Resistance)" यानी एकजुटता, एकता और प्रतिरोध की भावना का प्रतीक बताया। यह पहल 8 जून को हुई I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में लिए गए फैसले का हिस्सा है।

INDIA Bloc Writes to CJI Against SIR - फोटो : news4nation

SIR :  विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत को संयुक्त पत्र भेजा है। मंगलवार को 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने इस पत्र के जरिए न्यायपालिका से हस्तक्षेप की अपील की। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया, चुनाव आयोग के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और चुनावी नतीजों में हेरफेर जैसे गंभीर मुद्दों पर न्यायपालिका को संज्ञान लेना चाहिए। इस पहल को कांग्रेस नेतृत्व वाले I.N.D.I.A. गठबंधन के लिए बड़ी मजबूती माना जा रहा है, क्योंकि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।


कांग्रेस ने इसे विपक्ष की "SURE (Solidarity, Unity and Resistance)" यानी एकजुटता, एकता और प्रतिरोध की भावना का प्रतीक बताया। यह पहल 8 जून को हुई I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में लिए गए फैसले का हिस्सा है। उस बैठक में 22 राजनीतिक दलों और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने हिस्सा लिया था और CJI को संयुक्त पत्र भेजने पर सहमति बनी थी। हालांकि, बैठक में शामिल रहे हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए।


चुनाव आयोग और SIR पर लगाए आरोप

सूत्रों के अनुसार चार पन्नों के इस पत्र में कहा गया है कि जब लोकतंत्र के अन्य संस्थान अपनी भूमिका निभाने में विफल हो जाते हैं, तब देश की उम्मीद न्यायपालिका से होती है। पत्र में दावा किया गया है कि कई राज्यों में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी मशीनरी का इस्तेमाल विपक्ष के खिलाफ किया गया। साथ ही चुनाव आयोग के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और चुनाव परिणामों में हेरफेर के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि यह पत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पुष्टि की कि 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद के हस्ताक्षर वाला यह संयुक्त पत्र मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया गया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि I.N.D.I.A. गठबंधन की यह अच्छी पहल है और AAP व DMK ने भी इस पत्र का समर्थन किया है।


विपक्ष की एकजुटता का संदेश

DMK और AAP का इस पहल में शामिल होना विपक्षी एकता के लिहाज से अहम माना जा रहा है। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले इसे विपक्ष के साझा रुख के रूप में देखा जा रहा है। संयुक्त पत्र पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं।


गौरतलब है कि 8 जून को हुई I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में भाजपा-आरएसएस के खिलाफ संयुक्त रूप से संघर्ष करने का संकल्प लिया गया था। इसी बैठक में CJI को पत्र लिखने, NEET-CBSE विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने और देश की आर्थिक स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का भी फैसला किया गया था। यह दिसंबर 2023 के बाद I.N.D.I.A. गठबंधन की पहली औपचारिक बैठक थी।