Lalu Yadav: IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू परिवार पर आरोप तय करने पर फैसला टला, 10 सितंबर को अगली सुनवाई
Lalu Yadav: IRCTC से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है।
Lalu Yadav: IRCTC से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है। अदालत अब 10 सितंबर को इस मामले में अपना आदेश सुना सकती है। कोर्ट के इस फैसले से लालू परिवार को फिलहाल राहत मिली है और अब अगली तारीख पर अदालत के रुख का इंतजार रहेगा।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव, बेटे तेज प्रताप यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। अदालत के सामने अब यह तय होना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएं या नहीं।
किसी आपराधिक मामले में आरोप तय होना मुकदमे की अगली महत्वपूर्ण सीढ़ी होती है। यदि अदालत आरोप तय करने का आदेश देती है, तो मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी और अभियोजन पक्ष को अपने आरोपों को अदालत के सामने साबित करने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। फिलहाल अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख तय की है।
प्रवर्तन निदेशालय की जांच कथित तौर पर उस दौर से जुड़े लेन-देन पर केंद्रित है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। एजेंसी का आरोप है कि रेलवे के होटल टेंडर से जुड़े मामले में कथित तौर पर अनियमितता हुई और इसके बदले लालू परिवार से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाया गया। इसी कथित वित्तीय लेन-देन के मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रही है।
लालू परिवार के खिलाफ चल रहे इस मामले में अब 10 सितंबर की तारीख अहम मानी जा रही है। अदालत उस दिन आरोप तय करने को लेकर अपना आदेश सुना सकती है। इससे यह स्पष्ट होगा कि मामला आगे किस दिशा में बढ़ेगा।
हालांकि, आरोप या प्रवर्तन निदेशालय की जांच में लगाए गए दावे अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं हुए हैं। अदालत के अंतिम फैसले तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाते हैं। अब सबकी निगाहें राउज़ एवेन्यू कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं।
रिपोर्ट- धीरज कुमार सिंह