वोटर लिस्ट में बड़ा उलटफेर! 5.57 करोड़ वोटरों के नाम कटे, सिर्फ 18% मृत वोटर

अप्रैल-मई 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 35.50 करोड़ मतदाता थे। इसके बाद मतदाता संख्या बढ़कर करीब 36.08 करोड़ हो गई। SIR के ड्राफ्ट रोल में मतदाताओं की संख्या घटकर 29.93 करोड़ रह गई।

SIR Voter List Revision- फोटो : news4nation

SIR :  लोकसभा चुनाव 2024 के बाद और विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) शुरू होने से पहले देश के 17 राज्यों में मतदाता सूची में करीब 57.57 लाख नए मतदाता जुड़े थे। लेकिन SIR के तहत पिछले दो महीनों में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 5.57 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव की तस्वीर सामने आई है। 


इन 17 राज्यों में अप्रैल-मई 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 35.50 करोड़ मतदाता थे। इसके बाद मतदाता संख्या बढ़कर करीब 36.08 करोड़ हो गई। यानी लोकसभा चुनाव के बाद मतदाताओं की संख्या में लगभग 1.62 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बाद SIR के ड्राफ्ट रोल में मतदाताओं की संख्या घटकर 29.93 करोड़ रह गई। यह लोकसभा चुनाव के आंकड़े की तुलना में करीब 15.7 प्रतिशत कम है।


6.15 करोड़ नाम हटाए गए

प्री-SIR मतदाता सूची और SIR के ड्राफ्ट रोल की तुलना करने पर करीब 6.15 करोड़ नाम हटाए गए। इनमें केवल 1.11 करोड़ यानी करीब 18 प्रतिशत नाम ऐसे थे जिन्हें मृत मतदाताओं के रूप में चिन्हित किया गया। बाकी नाम अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, एक से अधिक जगह पंजीकृत या अन्य श्रेणियों में रखे गए।


महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मतदाता जुड़े

लोकसभा चुनाव के बाद SIR से पहले मतदाता संख्या में सबसे बड़ी बढ़ोतरी महाराष्ट्र में हुई। यहां करीब 47.92 लाख मतदाता जुड़े। इसके मुकाबले हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में यह बढ़ोतरी करीब 4.6 लाख तक रही। हालांकि SIR के ड्राफ्ट रोल में महाराष्ट्र में मतदाताओं की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 2024 के लोकसभा चुनाव के समय राज्य में करीब 9.30 करोड़ मतदाता थे। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव के समय यह संख्या बढ़कर 9.71 करोड़ और SIR शुरू होने से पहले करीब 9.78 करोड़ हो गई थी। लेकिन ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर 7.71 करोड़ रह गई।


महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच करीब 41 लाख मतदाताओं की बढ़ोतरी राजनीतिक विवाद का मुद्दा बनी थी। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए 'वोट चोरी' का आरोप लगाया था। SIR के ड्राफ्ट रोल सामने आने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि नए आंकड़ों से उनके आरोपों की पुष्टि होती है।


दिल्ली में प्रतिशत के हिसाब से सबसे बड़ी गिरावट

अगर कुल संख्या के बजाय प्रतिशत की बात करें तो दिल्ली में मतदाताओं की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। यहां लोकसभा चुनाव के समय करीब 1.52 करोड़ मतदाता थे। फरवरी 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान यह संख्या बढ़कर 1.56 करोड़ हो गई थी। SIR शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली की मतदाता संख्या घटकर करीब 1.45 करोड़ रह गई और ड्राफ्ट सूची में यह और घटकर 97.53 लाख हो गई। यानी लोकसभा चुनाव के आंकड़े की तुलना में करीब 35.89 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।


ओडिशा और चंडीगढ़ में भी बड़ी गिरावट

ओडिशा में भी मतदाता संख्या में कमी दर्ज की गई। लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में करीब 3.37 करोड़ मतदाता थे, जो SIR से पहले घटकर 3.33 करोड़ रह गए। ड्राफ्ट सूची में यह संख्या और घटकर 3.13 करोड़ हो गई। वहीं चंडीगढ़ में मतदाता संख्या 6.60 लाख से घटकर 5.16 लाख रह गई। यह करीब 31.84 प्रतिशत की गिरावट है।


आंकड़ों के मुताबिक SIR के तीसरे चरण में शामिल 17 राज्यों में से 11 राज्यों में लोकसभा चुनाव और SIR से पहले मतदाताओं की संख्या बढ़ी, जबकि 6 राज्यों में कमी आई। अब SIR के ड्राफ्ट रोल में हुई भारी कटौती को लेकर मतदाता सूची की शुद्धता, नाम हटाने की प्रक्रिया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।