अंधविश्वास में हैवान बनी माँ, तांत्रिक के साथ मिलकर कुंवारी बेटी की दे दी बलि, तीन गिरफ्तार
घटना 24 मार्च की रात की है, जब रामनवमी के अवसर पर गांव में मंगला जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान किशोरी को शांति देवी के घर ले जाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
Sacrificed : मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना में अंधविश्वास के चलते एक किशोरी की कथित रूप से बलि देने का मामला झारखंड के हजारीबाग जिले में हुई है। पुलिस ने इस मामले में लड़की की मां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन और डीआईजी अंजनी झा ने बताया कि कुसुंभा गांव निवासी रेशमी देवी (35), तांत्रिक शांति देवी (55) और भीम राम (40) को गिरफ्तार किया गया है। तीनों एक ही गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, रेशमी देवी अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए तांत्रिकों के संपर्क में थीं। तांत्रिकों ने दावा किया कि बेटे को ठीक करने के लिए एक कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी। इसी अंधविश्वास में फंसकर मां ने अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।
घटना 24 मार्च की रात की है, जब रामनवमी के अवसर पर गांव में मंगला जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान किशोरी को शांति देवी के घर ले जाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि इस वारदात को अंजाम देने में मां और भीम राम शामिल थे।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद शव को गांव के एक बगीचे में दफना दिया गया। पुलिस ने यह भी दावा किया कि आरोपियों ने मामले को रेप का रूप देकर जांच को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी भीम राम का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उस पर पहले से हत्या के अन्य मामले दर्ज हैं।
इस मामले पर संज्ञान लेते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य प्रशासन और डीजीपी को नोटिस जारी किया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया। घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने हजारीबाग में 12 घंटे का बंद भी बुलाया था।
गौरतलब है कि इससे पहले मृतका की मां ने बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था, जबकि 25 मार्च को उसका शव गांव के एक खेत से बरामद हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।