जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत, इलाके में हड़कंप, कई लोगों की बिगड़ी तबीयत

मध्य प्रदेश के सागर जिले में रविवार को कथित जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई

Madhya Pradesh Hooch Tragedy- फोटो : news4nation

Hooch Tragedy : कथित जहरीली शराब पीने से रविवार को कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ गई। घटना मध्य प्रदेश के सागर जिले में रविवार को हुई जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस शराब को पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी, उसकी सप्लाई पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की आशंका है।


सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि बांदा तहसील के दो गांवों में कथित अवैध शराब पीने के बाद कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है। यह इलाका जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। रविवार तड़के इस मामले में पहली मौत की सूचना मिली। इसके बाद एक-एक कर लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।


बीजेपी विधायक ने बताया 11 मौतें

स्थानीय बीजेपी विधायक वीरेंद्र लोधी ने दावा किया कि जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। उनके मुताबिक करीब 25 लोगों को बांदा सिविल अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल 10 मौतों की पुष्टि की गई है।


कलेक्टर ने बताया कि इलाके में स्क्रीनिंग का काम जारी है। बुखार और सिरदर्द जैसी शिकायत वाले लोगों को सरकारी बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (BMCH) में भेजा जा रहा है। फिलहाल तीन लोगों को BMCH भेजा गया है और उनकी हालत गंभीर नहीं बताई गई है। अधिकारियों ने कहा है कि पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए मौत के वास्तविक कारण की जांच की जा रही है।


सात शराब दुकानें सील

घटना के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके की सात शराब दुकानों को सील कर दिया है। साथ ही तत्काल शराब के नमूने लेने और उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि कथित जहरीली शराब कहां से आई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। प्रारंभिक जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आई है। अधिकारियों की टीम इस कड़ी की भी जांच कर रही है।


 कांग्रेस ने मांगी न्यायिक जांच

मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।