Dramatic Wedding: बारात आई, निकाह हुआ…कबूल है के बाद पिता बोले-ये दूल्हा मंजूर नहीं

शादी या ड्रामा?- फोटो : X

Dramatic Wedding: शहनाइयों की मिठास घुली हुई थी, लेकिन जैसे ही विदाई का वक्त आया, खुशियों की ये महफिल एक झटके में हंगामे की दास्तान बन गई। मामला ऐसा कि दो-दो बेटियों की शादियां एक ही घर से तय थीं दो बारातें, दो निकाह, और दुआओं की बारिश। मगर किसे ख़बर थी कि इस किस्से का क्लाइमैक्स इतना ड्रामाई होगा कि लोगों की जुबान पर बस यही जुमला रह जाएगा ये क्या हो गया!

दिन भर अदब तहजीब के साथ मेहमाननवाज़ी हुई, दूल्हों की खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। निकाह भी पूरी रज़ामंदी से पढ़वाया गया काजी साहब की मौजूदगी में सब कुछ दुरुस्त। लेकिन जैसे ही बारी आई विदाई की, एकदम से अब्बू जान के तेवर बदल गए। एक बेटी को तो बड़े प्यार से विदा कर दिया, मगर दूसरी बेटी के लिए ऐलान कर दिया ये दूल्हा हमें मंजूर नहीं!

बस फिर क्या था, महफिल में सन्नाटा और फिर फुसफुसाहटों का शोर। बाराती हैरान, घराती परेशान और दूल्हा बेचारा अपने नसीब को कोसता हुआ। लोग पूछें, भाई, जब पसंद नहीं था तो निकाह क्यों होने दिया? मगर अब्बू का जवाब भी कम तगड़ा नहीं दिल ने गवाही नहीं दी!

काफी मिन्नत-समाजत हुई, रिश्तेदारों ने समझाया, मगर जनाब टस से मस नहीं हुए। आखिरकार मामला पंचायत तक जा पहुंचा, जहां इज़्ज़त, रिवाज़ और रिश्तों की किताबें खोली गईं। मगर सवाल वही क्या निकाह के बाद ऐसा फैसला मुनासिब है, या ये महज़ जज़्बात का तूफ़ान?

मुरादाबाद का ये वाक़या अब लोगों के लिए चर्चा का नया मुद्दा बन गया है किसी के लिए ये अब्बू का हक है, तो किसी के लिए बेटी की तकदीर के साथ खेल। सच जो भी हो, मगर ये किस्सा बता गया कि शादी-ब्याह में सिर्फ़ रस्में ही नहीं, बल्कि दिल की रज़ामंदी भी सबसे बड़ा फ़सला लिखती है।