राम मंदिर चंदा चोरी मामला : महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

राम मंदिर चंदा चोरी मामला में एफआईआर दर्ज होने और आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बीच अब महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है.

Champat Rai and Anil Mishra resign- फोटो : news4nation

Ram Temple : राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराया हुआ है। मामले में एफआईआर दर्ज होने और आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।


चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपी गिरफ्तार

राम मंदिर में चढ़ावे के धन और कीमती सामान में कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। ये सभी मंदिर में आने वाले नकद दान और बहुमूल्य वस्तुओं की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े थे।


जांच जारी, आरोपियों से पूछताछ


पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितताओं में किस स्तर तक गड़बड़ी हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे को इस पूरे विवाद के बीच एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं की ओर से इस्तीफे के कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, ट्रस्ट की ओर से भी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।


क्या है राम मंदिर चंदा चोरी विवाद?

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान और कीमती सामान की गिनती के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में गड़बड़ी के संकेत मिलने पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। 

पुलिस ने दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चढ़ावे की राशि और कीमती वस्तुओं के प्रबंधन में हेराफेरी की गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।