ममता बनर्जी को एक और झटका, तीसरे राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, अब तक 23 MP छोड़ चुके हैं साथ

प्रकाश चिक बड़ाइक पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार क्षेत्र से आने वाले एक आदिवासी नेता हैं। वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर अगस्त 2023 में पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। अब उन्होंने इस्तीफा दे दिया है.

Prakash Chik Baraik - फोटो : news4nation

Prakash Chik Baraik  : पश्चिम बंगाल की भाजपा के सत्तारूढ़ होने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में राजनीतिक उठापटक का दौर जारी है। गुरुवार को पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा, जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बीते चार दिनों में यह तीसरा मौका है जब टीएमसी के किसी राज्यसभा सांसद ने पार्टी का साथ छोड़ा है। इससे पहले सुष्मिता देव ने 11 जून को इस्तीफा दिया था, जबकि सुखेंदु रे ने 8 जून को राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों से त्यागपत्र दे दिया था।


कौन हैं प्रकाश 

चाय बागान मजदूर पृष्ठभूमि से निकलकर राज्यसभा तक पहुंचने वाले प्रकाश चिक बड़ाइक को टीएमसी का प्रमुख आदिवासी चेहरा माना जाता रहा है। प्रकाश चिक बड़ाइक पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार क्षेत्र से आने वाले एक आदिवासी नेता हैं। वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर अगस्त 2023 में पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। राजनीति में आने से पहले वे चाय बागान क्षेत्र से जुड़े रहे और श्रमिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।  उन्हें उत्तर बंगाल के चाय बागान और आदिवासी समुदायों का प्रतिनिधि चेहरा माना जाता है। 2021 में उन्हें अलीपुरद्वार जिला टीएमसी अध्यक्ष बनाया गया था। 2023 में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के करीबी युवा आदिवासी नेता के रूप में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था।


23 सांसदों का बागी रुख 

पार्टी में जारी असंतोष के बीच दावा किया जा रहा है कि टीएमसी के कई सांसद और विधायक नेतृत्व से नाराज हैं। जानकारी के अनुसार, लोकसभा में पार्टी के 28 सांसदों में से 20 तथा राज्यसभा के 13 सांसदों में से 3 सांसद अलग हो चुके हैं। इस तरह कुल 23 सांसदों के पार्टी से दूरी बनाने की बात कही जा रही है।

विधायकों ने भी छोड़ा साथ 

वहीं, 3 जून को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला था। बताया जा रहा है कि 80 में से 58 टीएमसी विधायकों ने अलग गुट का समर्थन किया है। इन विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता मान्यता देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा था।


ऋतब्रत बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि उनके समर्थन में 64 विधायक हैं और शेष विधायक भी जल्द ही स्पीकर को अपना समर्थन पत्र सौंपेंगे। इस बीच, बगावत करने वाले लोकसभा सांसदों की सूची भी बुधवार को सामने आने की खबर है। टीएमसी में जारी इस राजनीतिक संकट ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।