बोरे में थे इंसानी बाल, लेकिन वजन ने खोला राज... भारत-नेपाल बॉर्डर पर कबाड़ की आड़ में बहुत बड़ा खेल!

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के जवानों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है।

भारत-नेपाल बॉर्डर अररिया कारतूस तस्करी- फोटो : news 4 nation

बिहार के सीमांचल क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जहां भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के जवानों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। अररिया जिले में एसएसबी की 56वीं वाहिनी के जवानों ने सीमा के पास से भारी मात्रा में इंसानी बालों (Human Hair) के नीचे छिपाकर ले जाए जा रहे कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में सुरक्षा बलों ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनकी भाषा-शैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां उनके बांग्लादेशी कनेक्शन और अवैध घुसपैठ के एंगल से गहन जांच कर रही हैं।


भारी बोरों के असामान्य वजन ने खोला तस्करों का राज

यह पूरी कार्रवाई रविवार को सीमा चौकी बेरियारी के जवानों द्वारा सीमा स्तंभ संख्या 178 के पास अंजाम दी गई, जब गश्ती के दौरान कुछ संदिग्ध लोग साइकिलों पर बड़े-बड़े बोरे लादकर नेपाल सीमा में घुसने की फिराक में दिखे। जवानों द्वारा रोके जाने पर इन लोगों ने खुद को कबाड़ी वाला बताया और दावा किया कि बोरों में सिर्फ इंसानी बाल हैं। चूंकि इंसानी बाल वजन में काफी हल्के होते हैं, लेकिन बोरों का वजन असामान्य रूप से बहुत ज्यादा था, इसी संदेह के आधार पर जब एसएसबी जवानों ने बोरों को खाली कराया तो सबके होश उड़ गए।


बालों के नीचे छिपा था कारतूसों का जखीरा और गिरफ्तार तस्कर

बोरों की गहन तलाशी लेने पर मानव बालों के ढेर के नीचे छुपाकर रखे गए 5.56 MM के 73 खाली कारतूस और 9 MM के 7 खाली कारतूस बरामद किए गए, साथ ही लगभग 150 किलो इंसानी बाल, 30 किलो धातु के उपकरण और तस्करी में इस्तेमाल हो रही 6 साइकिलें जब्त की गईं। कबाड़ की आड़ में इस अवैध धंधे को अंजाम देने वाले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नासिर अहमद (43), रफीकुल शेख (42), बिलाल शेख (46), जुल्फीकार एसके (37), अनिशूर शेख (51) और राजन अली शेख (37) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से सीमा पार संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त थे।


बंगाल में सख्ती के बाद बिहार बना सेफ रूट, केंद्रीय एजेंसियां सतर्क

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में 'SIR' (स्ट्रिक्ट आइडेंटिफिकेशन रूल्स) लागू होने और कड़ाई बढ़ने के बाद अवैध तत्वों ने अब बिहार के सीमांचल और नेपाल बॉर्डर को अपना नया सुरक्षित ठिकाना बना लिया है, जहां वे पकड़े जाने से बचने के लिए कबाड़ के काम को ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल, एसएसबी ने जब्त सामान और सभी 6 आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जोगबनी थाना पुलिस को सौंप दिया है, जिसके बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसियां भी इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कड़ियों और मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई हैं।