यूपी के अम्बेडकरनगर में बोले मुकेश सहनी : उत्तर प्रदेश में 101 दिन की संकल्प यात्रा निकालेगी VIP, गांव-गांव गूंजेगी आरक्षण की मांग

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उत्तर प्रदेश में 101 दिन की संकल्प यात्रा निकालेगी VIP- फोटो : देवांशु प्रभात

Lucknow/Patna : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर पहुंचे। वहां आयोजित 'उत्तर प्रदेश संवाद एवं रात्रि प्रवास' कार्यक्रम में भाग लेते हुए उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठन विस्तार व आगामी राजनीतिक रणनीति पर गहन चर्चा की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए 'सन ऑफ मल्लाह' मुकेश सहनी ने निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया।


यूपी के सभी जिलों में चलेगी 101 दिनों की संकल्प यात्रा

मुकेश सहनी ने एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि वीआईपी (VIP) आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश के भीतर 101 दिनों की विशाल 'संकल्प यात्रा' निकालने जा रही है। यह यात्रा सूबे के सभी जनपदों (जिलों) और गांवों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य निषाद समाज की विभिन्न उपजातियों को उनके संवैधानिक आरक्षण के अधिकार के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक मंच पर एकजुट करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का संकल्प लिया गया था, लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी यह मांग अधूरी है।


संजय निषाद भाजपा पर दबाव बनाकर आरक्षण दिलाएं, नहीं तो हमारे साथ आएं: सहनी

उत्तर प्रदेश सरकार में शामिल निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद पर सीधा हमला बोलते हुए मुकेश सहनी ने उन्हें नसीहत और न्योता दोनों दिया। सहनी ने कहा कि डॉ. संजय निषाद को सरकार और भाजपा पर कड़ा दबाव बनाकर तुरंत निषाद समाज को आरक्षण दिलाना चाहिए। अगर वे ऐसा कराने में असमर्थ रहते हैं, तो उन्हें तुरंत सत्ता का मोह छोड़ देना चाहिए और मंत्री पद से इस्तीफा देकर समाज के हक की लड़ाई के लिए हमारे साथ आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चंद नेताओं के निजी स्वार्थ के भरोसे पूरे निषाद समाज को अब और गुमराह नहीं होने दिया जाएगा।


2027 से पहले आरक्षण नहीं मिला, तो निषाद समाज भाजपा को वोट नहीं देगा

मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दो टूक शब्दों में बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा:

  • यदि वर्ष 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला, तो पूरा समाज एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ मतदान करेगा।
  • समाज अब अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह सजग हो चुका है और यह इस बार की लड़ाई निर्णायक होगी।
  • बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में निषाद समाज को संगठित कर ऐसा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा कि दिल्ली और लखनऊ की सरकारें घुटने टेकने पर मजबूर हो जाएंगी।


शिक्षा-रोजगार पर सरकार फेल, कोचिंग संस्थानों को बनाया जा रहा 'बलि का बकरा'

बिहार में कोचिंग संस्थानों और नए नियमों को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश सहनी ने नीतीश-सम्राट सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सूबे की पूरी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। सरकारी स्कूलों की बदहाली के कारण ही गरीब छात्रों के पास प्राइवेट स्कूलों और कोचिंग सेंटरों में जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां छात्रों का आर्थिक या मानसिक शोषण हो रहा है, वहां बिल्कुल कार्रवाई हो, लेकिन सरकार अपनी नाकामी, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे बड़े घोटालों को छिपाने के लिए पूरे कोचिंग सेक्टर को 'बलि का बकरा' नहीं बना सकती।


2 नवंबर के बाद ली जाएगी आगे की बड़ी राजनीतिक करवट

मुकेश सहनी ने अपनी भविष्य की योजनाओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान समय में उनकी इकलौती प्राथमिकता निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाना है। आगामी महीनों में वे लगातार यूपी और बिहार में संवाद कार्यक्रमों के जरिए जमीन मजबूत करेंगे। उन्होंने समय सीमा तय करते हुए कहा कि 2 नवंबर के बाद वे अपनी पूरी संकल्प यात्रा और संगठन के फीडबैक की समीक्षा करेंगे और उसी के बाद वीआईपी पार्टी के आगे के राजनैतिक गठबंधन या चुनावी रणनीति पर कोई अंतिम व बड़ा फैसला लिया जाएगा।

देवांशु प्रभात की रिपोर्ट