कोसी बनी काल, नहाने गए चार मासूम धारा में समाए, तीन की बची जान, एक लापता, SDRF की देरी पर फूटा गुस्सा

अररिया जिले में कोसी नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया। नगर थाना क्षेत्र के दियारी मजगामा गांव के पास नदी में नहाने गए चार बच्चे अचानक तेज धारा की चपेट में आ गए। ....

नहाने गए चार मासूम धारा में समाए- फोटो : social Media

Bihar News: बिहार के अररिया जिले में कोसी नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया। नगर थाना क्षेत्र के दियारी मजगामा गांव के पास नदी में नहाने गए चार बच्चे अचानक तेज धारा की चपेट में आ गए। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 10 वर्षीय अब्दुल्ला अब भी लापता है। उसकी तलाश लगातार जारी है।

घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने तत्काल नगर थानाध्यक्ष शिवशरण साह को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जानकारी अंचल अधिकारी गोपी नाथ मंडल तथा एसडीआरएफ को दी गई। इसके बाद स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

हालांकि इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवालों की बौछार शुरू हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एसडीआरएफ की टीम करीब चार घंटे की देरी से घटनास्थल पर पहुंची। लोगों का कहना है कि अगर राहत टीम समय पर पहुंच जाती तो शायद लापता बच्चे को बचाया जा सकता था। देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी और आक्रोश देखने को मिला।

वहीं अररिया के रेवेन्यू ऑफिसर शंभू कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण राहत टीम को पहुंचने में देर हुई। उन्होंने बताया कि प्राइवेट वाहन की व्यवस्था कर उस पर नाव लादकर घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग गया। फिलहाल एसडीआरएफ की टीम तीन नावों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से अब्दुल्ला की तलाश में जुटी हुई है।

कोसी की तेज धारा के बीच चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरे इलाके की निगाहें टिकी हैं। परिजन बदहवास हैं और गांव में मातम जैसा माहौल है। हर गुजरते पल के साथ मासूम अब्दुल्ला के सुरक्षित मिलने की उम्मीद और बेचैनी दोनों बढ़ती जा रही हैं।