Bihar Crime: भोजपुर में छेड़खानी के विरोध पर जमकर हुआ बवाल, घर में घुसकर मारपीट का आरोप

Bihar Crime: भोजपुर जिले में छेड़खानी के विरोध को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है।

छेड़खानी के विरोध में बवाल - फोटो : ASHISH

ARA :  जिले के अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बड़गांव में छेड़खानी के विरोध को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में चार लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। घायलों में 60 वर्षीय देवांती देवी, 60 वर्षीय कामेश्वर सिंह, 38 वर्षीय राजू कुमार सिंह और बरमेश्वर नाथ सिंह शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज कराया गया है। घायल कामेश्वर सिंह ने बताया कि गांव में पहले से किसी तरह का विवाद नहीं था। उनका आरोप है कि कुछ लोग एक घर में कथित तौर पर छेड़खानी की नीयत से पहुंचे थे। इसका विरोध करने और महिला को बचाने के लिए जब लोग आगे आए तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी।

कामेश्वर सिंह का दावा है कि करीब 15 से 20 लोगों ने मिलकर मारपीट की। इस दौरान चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई और घायल पक्ष ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं घायल राजू कुमार सिंह ने भी कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजू के मुताबिक, रिंकू सिंह, पंकज सिंह, सुमन सिंह, रामअयोध्या सिंह और रिंकी सिंह समेत अन्य लोग उनकी मां के साथ कथित तौर पर मारपीट करने लगे। आरोप है कि कुछ लोग घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए परिवार की महिला के साथ बदसलूकी की।

राजू कुमार सिंह ने बताया कि वह पहले रिंकू सिंह के साथ रहता था, लेकिन अब उसके साथ नहीं रहता है। इसी बात को लेकर भी विवाद की पृष्ठभूमि होने का दावा किया जा रहा है। राजू ने रिंकू सिंह पर दबंगई करने का आरोप लगाया है।घायल पक्ष का कहना है कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका आरोप है कि घर में घुसकर मारपीट और महिलाओं के साथ बदसलूकी से गांव में भय का माहौल पैदा हुआ है।हालांकि घटना को लेकर सामने आए सभी आरोप फिलहाल घायल पक्ष के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।

पुलिस के स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चार लोगों के घायल होने के बाद मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना ने एक बार फिर गांवों में आपसी विवाद और महिलाओं से जुड़े आरोपों के मामलों में समय पर पुलिस हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की जरूरत को सामने ला दिया है। घायल पक्ष को अब पुलिस कार्रवाई का इंतजार है।

रिपोर्ट- आशीष कुमार