Bihar News : भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, आरा कोर्ट में परिजनों ने दर्ज कराया बयान, 9 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठने का किया ऐलान

Bihar News : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में कथित तौर पर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए युवक भरत तिवारी के परिजनों का बयान आरा सिविल कोर्ट में कलमबंद किया गया......पढ़िए आगे

परिजनों का बयान दर्ज - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में एक और बड़ी कानूनी प्रगति हुई है। इस चर्चित प्रकरण में मारे गए युवक भरत तिवारी के परिजनों का बयान आरा के व्यवहार न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष कलमबद्ध किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अभिरक्षा में भरत तिवारी की मां आशा देवी, भाभी सुमन देवी और भाई चंदन तिवारी को कोर्ट लाया गया, जहां उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने अपने विस्तृत बयान दर्ज कराए।

17 जून को हुई थी घटना, परिजनों ने उठाए सवाल

गौरतलब है कि बीते 17 जून 2026 को बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार, स्थानीय ग्रामीण और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग इस एनकाउंटर की थ्योरी पर लगातार गंभीर सवाल उठा रहे हैं। परिजनों का साफ तौर पर आरोप है कि यह कोई पुलिस एनकाउंटर नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है। उनका कहना है कि भरत तिवारी को करीब चार से पांच गोलियां मारी गई थीं, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा संदेह पैदा करती हैं।

"अब सिर्फ अदालत पर भरोसा, बिहार पुलिस पर नहीं":

न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने न्यायालय  के सामने अपनी पूरी बात मजबूती से रखी है। उन्होंने सवाल उठाया कि समाज की भलाई करने वाले एक युवक को आखिर किस कानून के तहत पांच गोलियां मार दी गईं? वहीं, मृतक की भाभी सुमन देवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब उन्हें बिहार पुलिस या उसकी किसी भी आंतरिक जांच पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं रह गया है। उन्हें अब सिर्फ और सिर्फ न्यायालय से ही न्याय की उम्मीद है।

9 जुलाई से आमरण अनशन का ऐलान

न्याय की गुहार लगा रहा पीड़ित परिवार अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर भरत तिवारी के परिजनों ने आगामी 9 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठने का बड़ा फैसला किया है। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। इस घोषणा के बाद से प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।

परिजनों को मिली सुरक्षा, घर पर पुलिस बल तैनात

लगातार मिल रही धमकियों और असुरक्षा के माहौल को देखते हुए पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। परिवार के सदस्यों के विशेष आग्रह पर गंभीरता दिखाते हुए प्रशासन द्वारा उन्हें सुरक्षा मुहैया करा दी गई है। वर्तमान में भरत तिवारी के घर पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है ताकि परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

आशीष की रिपोर्ट