Bihar News : गोली लगने के बाद भरत तिवारी ने लगाया ‘जय हिन्द’ का नारा, न्यायिक जांच आयोग के सामने बोली प्रत्यक्षदर्शी महिला, भाई ने भी दर्ज कराया बयान

Bihar News : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर न्यायिक जांच आयोग के समक्ष लगातार तीसरे दिन सुनवाई जारी रही। इस दौरान भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी और कथित प्रत्यक्षदर्शी ललिता देवी ने बयान दर्ज कराए।

भाई की गवाही - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच मंगलवार को अहम चरण में पहुंच गई। जांच आयोग के समक्ष तीसरे दिन भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी और कथित प्रत्यक्षदर्शी ललिता देवी ने अपने-अपने बयान दर्ज कराए। दोनों से सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाले न्यायिक जांच आयोग ने विस्तार से पूछताछ की। माना जा रहा है कि इन गवाहियों से जांच को नई दिशा मिल सकती है। गवाही के बाद मीडिया से बातचीत में चंदन तिवारी ने बताया कि आयोग के समक्ष पूरा घटनाक्रम रखा। उनके अनुसार आयोग ने उनसे पूछा कि यदि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, तो फिर गोली क्यों चलाई गई। इस पर उन्होंने दावा किया कि भरत ने हथियार डाल दिया था, लेकिन इसके बाद उन्हें करीब 20 मीटर आगे ले जाकर गोली मार दी गई।

चंदन ने बताया कि उनसे लगभग आधे घंटे तक पूछताछ हुई। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच पर उन्हें भरोसा है, लेकिन जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे संतुष्ट नहीं होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक सात लोगों की गवाही हो चुकी है और कुल 25 लोगों के बयान दर्ज किए जाने हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पर उन्हें भरोसा नहीं है, जबकि भारत सरकार से अभी भी न्याय की उम्मीद है।

वहीं, प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाली जवैनिया गांव निवासी ललिता देवी ने आयोग के समक्ष वही बयान दर्ज कराने की बात कही, जो उनके अनुसार उन्होंने घटना के समय अपनी आंखों से देखा था। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने पहले भरत तिवारी से हथियार डालने को कहा और उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया। उनके अनुसार, हथियार रख देने के बाद पुलिस उन्हें कुछ दूरी पर ले गई और फिर गोली मार दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोली लगने के बाद भरत तिवारी ने "जय हिंद" कहा और इसके बाद पुलिस उन्हें वाहन से लेकर चली गई।

ललिता देवी ने कहा कि उन्होंने आयोग के सामने पूरी घटना विस्तार से रखी है। उन्होंने बताया कि आयोग ने कार्रवाई की कोई समय-सीमा नहीं बताई, लेकिन उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने भरत तिवारी को गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि गांव में बिजली, चापाकल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था।

बता दें कि इससे पहले 11 जुलाई को भरत तिवारी के माता-पिता आशा देवी और काशीनाथ तिवारी, जबकि 13 जुलाई को उनकी भाभी सुमन देवी, सत्यनारायण चौधरी और मंटू कमकर आयोग के समक्ष अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। अब तक कुल सात लोगों की गवाही हो चुकी है। आने वाले दिनों में अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन गवाहियों के आधार पर न्यायिक जांच आयोग अपनी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकालता है।

आशीष की रिपोर्ट