Bihar News : ऑटो चालकों की हड़ताल से छात्रों का भविष्य दांव पर, नगर निगम के टैंकर पर लदकर परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी
ARA : बिहार के भोजपुर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे प्रशासन और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरा शहर में चल रही ऑटो चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए जब कोई साधन नहीं मिला, तो परीक्षार्थी मजबूरी में नगर निगम के उन टैंकर पर सवार होकर अपने सेंटर पहुंचे, जिनका उपयोग आमतौर पर सफाई कार्यों के लिए किया जाता है।
दरअसल, इस हड़ताल की पृष्ठभूमि एक दुखद घटना से जुड़ी है। पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान काटे जाने से परेशान एक ऑटो चालक ने आत्मदाह करने की कोशिश की थी। इस घटना के विरोध में शहर के तमाम ऑटो चालकों ने चक्का जाम कर दिया और काम बंद कर दिया। हड़ताल का सबसे बुरा असर उन छात्रों पर पड़ा जिनकी इंटर की परीक्षाएं चल रही हैं। मंगलवार सुबह जब परीक्षार्थी घरों से निकले, तो सड़कों पर सन्नाटा पसरा देख उनके हाथ-पांव फूल गए।
समय पर परीक्षा केंद्र न पहुंचने की स्थिति में साल बर्बाद होने का डर छात्रों के चेहरों पर साफ दिख रहा था। इसी दौरान सड़क से गुजर रहे नगर निगम के टैंकर उनके लिए आखिरी उम्मीद बने। छात्रों ने बिना किसी झिझक के ट्रैक्टर की ट्रॉलियों पर जगह बनाई और उसी पर सवार होकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। यह नजारा शहर के विभिन्न चौराहों पर देखने को मिला, जो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है।
परीक्षार्थियों का कहना है कि प्रशासन को पहले से पता था कि इंटर की परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में यातायात के वैकल्पिक इंतजाम किए जाने चाहिए थे। ऑटो चालकों की मांग और पुलिस की कार्रवाई के बीच मासूम छात्रों का भविष्य अधर में लटका नजर आया। कई छात्र पैदल ही मीलों का सफर तय करने को मजबूर हुए, जिससे उनकी मानसिक स्थिति और परीक्षा की तैयारी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
फिलहाल, आरा में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और ऑटो चालकों ने मांगे पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी से अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। यह घटना दर्शाती है कि शहर की चरमराई यातायात व्यवस्था और अचानक होने वाली हड़तालें किस तरह से आम जनता, विशेषकर छात्रों के लिए मुसीबत का सबब बन जाती हैं।
आशीष की रिपोर्ट