Bihar News : बिहार के सरकारी अस्पताल में मानवता शर्मसार, कई दिनों से भटकते युवक की हुई मौत, लावारिस हालत में घंटों पड़ा रहा शव

Bihar News : आरा सदर अस्पताल में कई दिनों से भटकते युवक की मौत हो गयी. जिसके बाद भी उसका लावारिस हालत में घंटों पड़ा रहा......पढ़िए आगे

घंटों पड़ा रहा शव - फोटो : ASHISH

ARA : सदर अस्पताल आरा परिसर की व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के पुराने इमरजेंसी वार्ड के समीप कबाड़ और पुराने सामान के बीच एक युवक का शव घंटों तक लावारिस हालत में पड़ा रहा। हैरानी की बात यह रही कि शव की मौजूदगी के बावजूद अस्पताल प्रशासन या सुरक्षाकर्मियों की ओर से तत्काल उसे हटाने या प्रक्रिया पूरी करने की कोई पहल नहीं दिखायी दी।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, युवक की मौत अस्पताल परिसर के भीतर ही हुई थी। इसके बावजूद शव को सुरक्षित स्थान या मॉर्च्युरी में रखवाने और उसकी पहचान अथवा परिजनों की खोजबीन के लिए समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर घंटों तक खुले में शव पड़े रहने की घटना से परिसर में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और स्थानीय लोगों के बीच गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

घटना के बाद अस्पताल की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर कई तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मृतक युवक कितने समय से अस्पताल परिसर में लावारिस स्थिति में था और उसकी मृत्यु के बाद जिम्मेदार कर्मियों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? मरीजों के इलाज के साथ-साथ लावारिस अवस्था में पहुंचे लोगों और लावारिस शवों के प्रति भी प्रशासनिक संवेदनशीलता अनिवार्य है, जिसकी यहाँ खुली अनदेखी हुई।

स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सदर अस्पताल में इस तरह की लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। समय-समय पर प्रबंधन की शिथिलता के कारण ऐसी तस्वीरें सामने आती रहती हैं। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यह तय किया जाए कि ऑन-ड्यूटी किन स्वास्थ्यकर्मियों या सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही के कारण शव घंटों खुले में पड़ा रहा। फिलहाल स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रशासन द्वारा मृतक युवक की शिनाख्त कराने और उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर आगे की कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक बयान और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

आशीष की रिपोर्ट