आरा के जमीरा अंडरपास में जलजमाव से भड़का जनआक्रोश, सांसद और विधायक का फूकां पुतला

आरा के जमीरा अंडरपास में जलजमाव की मार झेल रहे स्थानीय ग्रामीणो का गुस्सा फूट पड़ा और वे सड़क पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्थानीय सांसद सुदामा प्रसाद और आरा सदर विधायक संजय सिंह टाइगर का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की....

अंडरपास में जलजमाव से भड़का जनआक्रोश- फोटो : आशीष

Arrah : जिले के जमीरा अंडरपास में लंबे समय से जारी जलजमाव और रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए स्थानीय सांसद सुदामा प्रसाद और आरा सदर विधायक संजय सिंह टाइगर का पुतला फूंका। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की वादाखिलाफी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


रोने-धोने का नाटक कर भोजपुरी में कसा तंज 

प्रदर्शन के दौरान विरोध का एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब एक स्थानीय युवक ने रोने-धोने का नाटक करते हुए भोजपुरी में जनप्रतिनिधियों पर तीखा व्यंग्य कसा। युवक कभी सांसद-विधायक को 'बड़का भैया' और 'मझिला भैया' कहकर संबोधित करता, तो कभी चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच से गायब रहने पर तंज कसता दिखा। इस नाटकीय विरोध को देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों ने भी जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी।


20 गांवों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित 

ग्रामीणों का आरोप है कि जमीरा अंडरपास में स्थायी रूप से पानी भरे रहने की वजह से आसपास के लगभग 20 गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट जाता है और दैनिक आवागमन में भारी फजीहत झेलनी पड़ती है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जनता ने समस्याओं के समाधान की उम्मीद में जनप्रतिनिधियों को चुनकर भेजा था, लेकिन जीतने के बाद नेता क्षेत्र से गायब हैं और लोग उनसे मिलने तक को तरस रहे हैं।


रेलवे ट्रैक और नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी 

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि पुतला दहन तो महज एक शुरुआत है और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि अगर अंडरपास के जलजमाव और ओवरब्रिज निर्माण पर शीघ्र ठोस पहल नहीं हुई, तो वे पहले रेलवे ट्रैक बाधित करेंगे और इसके बाद धरहरा पुल पर स्थित नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर देंगे।


स्थायी समाधान तक जारी रहेगा आंदोलन 

प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक जमीरा अंडरपास से पानी निकासी का स्थायी प्रबंध नहीं होता और ओवरब्रिज निर्माण को लेकर कोई ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। लंबे समय से उपेक्षित महसूस कर रहे ग्रामीणों का यह कड़ा रुख आने वाले दिनों में जिले की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।


आशीष की रिपोर्ट