Bihar News : औरंगाबाद कोर्ट ने महिला की हत्या मामले में बाप-बेटे को दोषी दिया करार, 7 जुलाई को होगा सजा का एलान

Bihar News : औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र में 2 साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। इस मामले में कोर्ट ने बाप-बेटे को दोषी करार दिया है....पढ़िए आगे

कोर्ट का बड़ा फैसला - फोटो : DINANATH

AURANGABAD : बिहार के औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने दाउदनगर थाना क्षेत्र में दो साल पहले हुई एक महिला की बेरहमी से हत्या के मामले में आज एक बड़ा फैसला सुनाया है। जिला जज नवम की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी बाप-बेटे को दोषी करार दिया है। कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है।

शौच से लौटने के दौरान हुआ था हमला

मामला 20 मई 2023 की सुबह का है, जब चौरम दाउदनगर की रहने वाली संजु कुंअर शौच से लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में आरोपी शिवम कुमार से उनका किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि शिवम ने उन पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जबकि उसके पिता रंजीत चंद्रवंशी ने लाठी से बेरहमी से उनकी पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल संजु कुंअर ने इलाज के दौरान 22 मई 2023 को दम तोड़ दिया था, और पोस्टमार्टम में भी धारदार हथियार से चोट की पुष्टि हुई थी।

अदालत ने बाप-बेटे को माना दोषी

अभियोजन पक्ष के वकील एपी राजाराम चौधरी के अनुसार, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयानों को सुनने के बाद आरोपी शिवम कुमार और उसके पिता रंजीत चंद्रवंशी को भादंवि की धारा 302/34 के तहत हत्या का दोषी पाया। फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने रंजीत चंद्रवंशी का बेल बॉन्ड तुरंत रद्द कर दिया और उसे भी उसके बेटे शिवम के साथ जेल भेज दिया।

6 गवाहों ने दी गवाही, 7 जुलाई को सजा पर बहस

इस मामले में न्याय की कड़ियों को जोड़ने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाह पेश किए गए। इनमें सूचक नीरज कुमार, लालमुनी देवी और रिंकी देवी ने अदालत के सामने घटना का पूर्ण समर्थन किया। इससे पहले कोर्ट ने इस मामले में 341, 323, 326, 307, 302 और 34 जैसी गंभीर धाराओं में संज्ञान लिया था। कोर्ट अब इस मामले में आगामी 7 जुलाई 2026 को सजा के बिंदु पर बहस सुनेगा, जिसके बाद सजा का एलान होगा।

अदालत में रो पड़ा अनाथ हुआ मासूम बेटा

इस फैसले के दौरान अदालत परिसर में एक भावुक कर देने वाला नजारा भी देखने को मिला। मृतका का नाबालिग बेटा विकी कुमार, जो आठवीं कक्षा में पढ़ता है, आज कोर्ट रूम में मौजूद था। फैसला आने के बाद उसने सिसकते हुए कहा, "पिता के निधन के बाद इस दर्दनाक घटना में मैंने अपनी मां को भी खो दिया। मैं पूरी तरह अनाथ हो गया, लेकिन मुझे न्याय के लिए अदालत पर पूरा भरोसा था और आज मेरी मां को न्याय मिला है।"

दीनानाथ की रिपोर्ट