Bihar News : बिहार में छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज की जांच के लिए AICC फैक्ट-फाइंडिंग समिति की पड़ताल शुरू, कन्हैया बोले-जुटाए जा रहे साक्ष्य

Bihar News : AICC द्वारा बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान हुए पुलिसिया दमन, लाठीचार्ज और कथित मानवाधिकार उल्लंघन की जांच के लिए गठित फैक्ट-फाइंडिंग समिति ने पटना सहित विभिन्न जिलों में अपनी जांच शुरू कर दी है....पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार में छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज की जांच के
कन्हैया का बयान - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान हुए पुलिसिया दमन, लाठीचार्ज और कथित मानवाधिकार उल्लंघन की जांच के लिए गठित फैक्ट-फाइंडिंग समिति ने पटना सहित विभिन्न जिलों में अपनी जांच शुरू कर दी है। समिति छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों तथा अन्य संबंधित पक्षों से मिलकर साक्ष्य एकत्र कर रही है। कन्हैया कुमार ने कहा कि समिति का उद्देश्य किसी पर राजनीतिक आरोप लगाना नहीं, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पूरी सच्चाई देश के सामने लाना है। समिति यह जानने का प्रयास कर रही है कि 22 और 25 जुलाई को कितने छात्रों को हिरासत में लिया गया, कितनों को गिरफ्तार किया गया, किन धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए और कानूनी प्रक्रिया का पालन किस हद तक किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई। कई छात्रों ने अवैध हिरासत, मानसिक प्रताड़ना तथा कानूनी अधिकारों के उल्लंघन की शिकायत समिति के समक्ष रखी है। नाबालिग छात्रों तथा छात्राओं के साथ किए गए व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। कन्हैया कुमार ने कहा कि सरकार को यह जवाब देना होगा कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग के आदेश किस स्तर से दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है तो केवल घोषणा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही भी तय करनी होगी।

उन्होंने कहा कि देश का युवा यह पूछ रहा है कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक क्यों हो रहे हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता क्यों खत्म हो रही है और छात्रों के भविष्य से लगातार खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है। इन सवालों का जवाब देने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। कन्हैया कुमार ने कहा कि फैक्ट-फाइंडिंग समिति सभी दस्तावेजों, एफआईआर, पीड़ितों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर हाई कोर्ट सहित अन्य कानूनी मंचों पर भी न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी।

इस अवसर पर  मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह जांच केवल पटना तक सीमित नहीं है, बल्कि जहानाबाद, सिवान, गया सहित बिहार के विभिन्न जिलों में हुई घटनाओं की भी पड़ताल की जा रही है। सभी तथ्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की राजनीतिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, अनेक छात्रों को गिरफ्तार कर लंबे समय तक हिरासत में रखा गया तथा कुछ मामलों में नाबालिग छात्रों के साथ भी कानून के अनुरूप व्यवहार नहीं किया गया।  छात्राओं की सुरक्षा और हिरासत से जुड़े कई गंभीर प्रश्न सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज मामलों को वापस लेने की सरकारी घोषणा के बावजूद एक प्राथमिकी अब भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठाने वाले छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना संविधान की भावना के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि बिहार में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जिन अधिकारियों ने कानून का उल्लंघन किया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई हो तथा पीड़ित छात्रों को न्याय मिले। समिति ने स्पष्ट किया कि सभी साक्ष्यों एवं बयानों के आधार पर तैयार रिपोर्ट संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी मंचों पर भी प्रस्तुत की जाएगी।

नरोत्तम की रिपोर्ट