Bihar News: सरकार सोती रही, गांव जाग गया, ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर खड़ा कर दिया पोस्ट ऑफिस

Bihar News: औरंगाबाद जिले से एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो गांव खुद अपनी तकदीर लिख सकता है। ...

ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर खड़ा कर दिया पोस्ट ऑफिस- फोटो : reporter

Bihar News: औरंगाबाद जिले से एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो गांव खुद अपनी तकदीर लिख सकता है। बारुण प्रखंड के जयगोविंद नगर मखरा में ग्रामीणों ने आपसी चंदे से पोस्ट ऑफिस की नई बिल्डिंग बनाकर एक अनोखा उदाहरण पेश किया है। वर्षों से जर्जर पड़े भवन और सरकारी अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही कमान संभाली और सामूहिक सहयोग से नया डाकघर भवन खड़ा कर दिया।

इस नवनिर्मित पोस्ट ऑफिस भवन का उद्घाटन बारुण नगर पंचायत की अध्यक्ष इन्दु देवी, शंकर पांडेय, पूर्व मुखिया रामजीवन पासवान और पोस्टमास्टर प्रेम शंकर ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में गांव के कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने बताया कि जयगोविंद नगर मखरा का यह पोस्ट ऑफिस 4 नवंबर 1950 को स्थापित हुआ था। शुरुआत में यह गांव के लिए एक बड़ी सुविधा था, लेकिन समय के साथ इसका भवन जर्जर होता चला गया। हालत इतनी खराब हो गई कि डाकघर को कई वर्षों से गांव के अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से चलाया जा रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद किसी भी सरकार ने इस जर्जर भवन के पुनर्निर्माण की दिशा में कदम नहीं उठाया। आखिरकार गांव के शिक्षित युवाओं और जागरूक लोगों ने फैसला किया कि इंतजार छोड़कर अब खुद ही समाधान निकाला जाए।

इसके बाद गांव में चंदा इकट्ठा किया गया और उसी सहयोग से पोस्ट ऑफिस की नई बिल्डिंग तैयार कर दी गई। इस पहल में गांव के कई शिक्षित युवाओं ने अहम भूमिका निभाई। प्रबंधन में आईआईटीयन मनीष यादव, दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता अनीश तिवारी, प्रखंड हाउसिंग विभाग के सत्यदेव कुमार गुप्ता और डेहरी नगर निगम के संतोष यादव समेत कई ग्रामीणों ने मिलकर इस काम को अंजाम तक पहुंचाया।

कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने ग्रामीणों की इस पहल की जमकर सराहना की। पूर्व मुखिया रामजीवन पासवान ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास गांव की एकता और जागरूकता की मिसाल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी गांव के विकास के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। यह पहल यह भी बताती है कि जब जनता ठान ले तो विकास के रास्ते खुद बन जाते हैं।

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर