Delhi Old Vehicle Transfer to Bihar:औरंगाबाद DTO की चेतावनी बिहार बन रहा खटारा गाड़ियों का डंपिंग यार्ड,नई नीति बनाने की मांग

दिल्ली में 10 और 15 साल की सीमा पूरी कर चुकी पुरानी गाड़ियां बड़े पैमाने पर एनओसी लेकर बिहार आ रही हैं। औरंगाबाद DTO ने इस पर चिंता जताते हुए राज्य परिवहन विभाग को पत्र लिखकर स्पष्ट नीति तय करने का अनुरोध किया है। पर्यावरण और सड़क सुरक्षा पर खतरा

दिल्ली के खटारा वाहनों का बिहार रुख, औरंगाबाद DTO की चेतावनी - नई नीति बनाने की मांग- फोटो : news 4 nation AI

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत डीजल वाहनों की अधिकतम समय सीमा 10 वर्ष और पेट्रोल वाहनों की 15 वर्ष तय है। यह समय सीमा पूरी होने या पूरी होने के करीब पहुँचने पर वाहन मालिक बड़े पैमाने पर एनओसी (NOC - अनापत्ति प्रमाण-पत्र) हासिल कर अपने वाहनों को बिहार समेत अन्य राज्यों में ट्रांसफर करा रहे हैं। औरंगाबाद जिले सहित बिहार के विभिन्न हिस्सों में ऐसे अति-पुराने वाहनों के नए पंजीकरण (Re-registration) और पते में परिवर्तन के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।


पर्यावरण, सड़क सुरक्षा और जनस्वास्थ्य पर गहराता खतरा

औरंगाबाद के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ने पत्र के माध्यम से चिंता जताते हुए कहा है कि यद्यपि कानूनी रूप से यह ट्रांसफर हो रहा है, लेकिन भविष्य में इससे गंभीर समस्याएँ पैदा होंगी। अत्यधिक पुराने वाहनों में यांत्रिक खराबी (Mechanical Failure) की संभावना बहुत ज्यादा होती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, इन खटारा गाड़ियों से वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन की समस्या पैदा हो रही है, जिससे जनस्वास्थ्य के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो रही है।

स्पष्ट और एकरूप नीति (Uniform Policy) निर्धारण की जरूरत

परिवहन विभाग को भेजे गए पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि बिहार में विभागीय स्तर पर एक स्पष्ट और एकरूप नीति निर्धारित की जानी बेहद जरूरी है। इस नीति के तहत यह तय किया जाना चाहिए कि अन्य राज्यों से आने वाले पुराने वाहनों के लिए अधिकतम कितनी उम्र सीमा (Age Limit) मान्य होगी तथा किन शर्तों, मानकों और मापदंडों के आधार पर उनका पुन: पंजीकरण या पता परिवर्तन स्वीकार किया जाएगा।


विभागीय दिशा-निर्देश जारी करने की अपील

जनहित, पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से DTO औरंगाबाद ने परिवहन विभाग, बिहार सरकार के सचिव से इस गंभीर मुद्दे पर विचार-विमर्श करने का अनुरोध किया है। उन्होंने आग्रह किया है कि जल्द से जल्द एक समरूप नीति और दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी किए जाएँ, ताकि राज्य के सभी जिला परिवहन कार्यालयों (DTOs) में एक समान नियम लागू किए जा सकें और खटारा वाहनों के अनियंत्रित ट्रांसफर पर रोक लग सके।

धीरज पराशर की रिपोर्ट