Bihar News : औरंगाबाद में दो साल पुराने मर्डर केस में बड़ा फैसला, कोर्ट ने बाप-बेटे को सुनाई सश्रम आजीवन कारावास की सजा
AURANGABAD : बिहार के औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) ने दो साल पुराने एक चर्चित हत्या के मामले में त्वरित न्याय करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने हत्या के मामले में दोषी पाए गए बाप-बेटे को सश्रम आजीवन कारावास (उम्रकैद) की कड़ी सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम की अदालत ने सत्र वाद संख्या एसटीआर-557/23 में दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के इस कड़े फैसले से अपराधियों में हड़कंप है।
यह पूरा मामला जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले को लेकर मृतिका के परिजन नीरज कुमार ने 20 मई 2023 को दाउदनगर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज मामले के अनुसार, घटना के दिन सुबह के समय नीरज की चाची संजु कुंअर शौच करने के बाद वापस लौट रही थीं। इसी दौरान चापाकल (हैंडपंप) के पास उनका शिवम कुमार और उसके पिता रंजीत कुमार से किसी बात को लेकर विवाद और तीखी बहस हो गई।
विवाद इस कदर बढ़ा कि दोनों अभियुक्तों ने महिला पर जानलेवा हमला बोल दिया। आरोप के मुताबिक, बहस के दौरान शिवम ने धारदार चाकू से और उसके पिता रंजीत ने लाठी से संजु कुंअर पर बर्बरतापूर्वक हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ जिंदगी और मौत से जूझते हुए दो दिन बाद यानी 22 मई 2023 को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस मामले में कोर्ट ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए बीते 23 जून 2026 को दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर हुई अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा मुकर्रर की। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि अभियुक्तों द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को उनकी इस सजा में समाहित (कम) किया जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद को पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का भी कड़ा निर्देश दिया है।
इस पूरे मामले में न्याय की डगर को मजबूत करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में कुल 6 गवाह पेश किए गए, जिनकी गवाही बेहद अहम साबित हुई। मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि मुख्य अभियुक्त शिवम कुमार घटना के दिन से ही लगातार जेल की सलाखों के पीछे बंद है। अब कोर्ट के इस अंतिम फैसले के बाद दोनों बाप-बेटे को अपनी पूरी जिंदगी जेल में ही काटनी होगी।
दीनानाथ की रिपोर्ट