सिस्टम की हार! BEO की प्रताड़ना से तंग आकर शिक्षिका ने छोड़ा नौकरी; बोलीं— 'रोजगार के बाद अब बेरोजगारी मंजूर'

बीईओ की प्रताड़ना से तंग आकर गोधना की शिक्षिका ने दिया इस्तीफा। वेतन रोकने और मानसिक यातना का लगाया आरोप। नियोजन समिति ने त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है।

Begusarai - बेगूसराय के बछवाड़ा प्रखंड से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोधना में कार्यरत शिक्षिका प्रतिभा कुमारी ने विभागीय प्रताड़ना से आहत होकर अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। शिक्षिका का आरोप है कि उन्हें लगातार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे तंग आकर उन्होंने रोजगार होने के बावजूद घर बैठने का फैसला किया।

वेतन रोकने और नीचा दिखाने का गंभीर आरोप

नियोजन समिति के सचिव सह बीडीओ को दिए गए इस्तीफे में प्रतिभा कुमारी ने बछवाड़ा बीईओ (BEO) निर्मला कुमारी पर सीधा प्रहार किया है। शिक्षिका के अनुसार, नियमावली 2020 के सभी प्रावधानों को पूरा करने के बावजूद उनके अवकाश की स्वीकृति और वेतन भुगतान को जानबूझकर लंबित रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी द्वारा उन्हें बार-बार नीचा दिखाया गया और गहरी मानसिक यातना दी गई।

सेवा देना हुआ दुष्कर, शिक्षिका की मानसिक पीड़ा

प्रतिभा कुमारी ने अपने पत्र में मार्मिक ढंग से व्यक्त किया कि विभागीय अधिकारी के कार्य-व्यवहार से वे इस कदर आहत और हतोत्साहित हो चुकी हैं कि अब विद्यालय में सेवा देना उनके लिए 'दुष्कर' प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव के कारण वे स्वयं को असहज महसूस कर रही थीं, जिससे उनकी कार्यक्षमता और व्यक्तिगत जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।

त्यागपत्र हुआ स्वीकार, बीईओ ने दी सफाई

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रखंड शिक्षक नियोजन समिति के सदस्य सचिव ने शिक्षिका के इस त्यागपत्र को तुरंत स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आईं बीईओ निर्मला कुमारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिक्षिका के लंबित वेतन के भुगतान के लिए जिला शिक्षा कार्यालय को पत्र भेज दिया गया है। हालाँकि, सवाल यह उठता है कि क्या वेतन की प्रक्रिया शुरू होने से शिक्षिका की मानसिक प्रताड़ना की भरपाई हो पाएगी?