Bihar Road Horror : कब तक झेलेंगे गड्ढों का कहर? कुंड बन चुकी सड़क पर फूटा लोगों का गुस्सा, गड्ढों को नाम देकर लोगों ने खोली व्यवस्था की पोल

Bihar Road Horror :बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र के वीरपुर प्रखंड का है, जहां सड़क के गड्ढों से परेशान ग्रामीणों ने ऐसा अनोखा विरोध शुरू किया है कि नेताओं के नाम तक सड़क के गड्ढों से जुड़ गए हैं।

गड्ढों को मिला नेताओं का नाम, सड़क बनी विरोध का अखाड़ा- फोटो : reporter

Bihar Road Horror : बिहार में बदहाल सड़कों की तस्वीर एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र के वीरपुर प्रखंड का है, जहां सड़क के गड्ढों से परेशान ग्रामीणों ने ऐसा अनोखा विरोध शुरू किया है कि नेताओं के नाम तक सड़क के गड्ढों से जुड़ गए हैं। ग्रामीणों ने सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों का नामकरण सांसद, विधायक और बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री के नाम पर कर दिया है। अब यहां सड़क के गड्ढे किसी आम गड्ढे की तरह नहीं, बल्कि 'गिरिराज कुंड', 'कुंदन कुंड' और 'शैलेंद्र कुंड' के नाम से पहचाने जा रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यह विरोध किसी नेता के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं, बल्कि बदहाल सड़क व्यवस्था के खिलाफ उनका गुस्सा और बेबसी है। लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। ऐसे में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए व्यंग्य और तंज का सहारा लिया है।

गड्ढों को मिला नेताओं का नाम, सड़क बनी विरोध का अखाड़ा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, वीरपुर प्रखंड की जर्जर सड़क पर कई बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। इन गड्ढों में से एक को बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के नाम पर 'गिरिराज कुंड' कहा जा रहा है। दूसरे गड्ढे को स्थानीय भाजपा विधायक कुंदन सिंह के नाम पर 'कुंदन कुंड' और एक अन्य गड्ढे को बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री शैलेंद्र कुमार के नाम पर 'शैलेंद्र कुंड' का नाम दिया गया है।ग्रामीणों का तंज साफ है कि जब सड़क की बदहाली दूर नहीं हो रही तो कम से कम इन गड्ढों की पहचान ही उन जनप्रतिनिधियों के नाम से हो जाए, जिनसे क्षेत्र के विकास की उम्मीद की जाती है।

बरसात में जानलेवा बन जाते हैं गड्ढे

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की खराब हालत के कारण रोजाना हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। पैदल चलने वालों से लेकर बाइक और दूसरे वाहन चालकों तक के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद सड़क की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। अब लोगों को डर है कि किसी बड़े हादसे के बाद ही शायद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद खुलेगी।

सांसद, विधायक और मंत्री से ग्रामीणों का सीधा सवाल

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब इलाके के सांसद केंद्र सरकार में मंत्री हैं, स्थानीय विधायक मौजूद हैं और राज्य में पथ निर्माण विभाग का जिम्मा भी मंत्री के पास है, तो फिर सड़क की मरम्मत क्यों नहीं हो रही है?लोगों का कहना है कि उन्हें नेताओं के नाम पर गड्ढों का नामकरण करने का कोई शौक नहीं है। यह उनकी वर्षों पुरानी परेशानी और व्यवस्था के प्रति नाराजगी का प्रतीक है। वे चाहते हैं कि सड़क की जल्द मरम्मत हो और आवागमन सुरक्षित बनाया जाए।फिलहाल वीरपुर के ये कथित कुंड बेगूसराय में चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब देखना होगा कि ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध जनप्रतिनिधियों और प्रशासन तक कितनी मजबूती से पहुंचता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बेगूसराय के लोगों को इन जानलेवा गड्ढों से मुक्ति पाने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा?

रिपोर्ट- अजय शास्त्री