Bihar News : ट्रेन की चपेट में आने से जख्मी महिला की सदर अस्पताल में हुई मौत, परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

Bihar News : राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से 35 वर्षीय एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के तुरंत बाद लोगों ने इलाज के लिए आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया।

महिला की मौत - फोटो : AJAY

BEGUSARAI : रेलवे स्टेशन के समीप पटरी पार करने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से 35 वर्षीय एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को इलाज के लिए आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मृतका की पहचान बाघा वार्ड संख्या-29 निवासी सुनील ठाकुर की पत्नी सुशीला देवी के रूप में की गई है। महिला की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे ने जहां पूरे परिवार को तोड़ दिया है, वहीं अस्पताल प्रशासन के रवैये को लेकर परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। परिजनों का आरोप है कि अगर अस्पताल में सही समय पर इलाज मिल जाता, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों ने सदर अस्पताल प्रबंधन पर बेहद गंभीर और संवेदनशील आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में सही इलाज और बेड की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने तथा डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण ही महिला की जान गई है। परिजनों का दावा है कि जब मरीज गंभीर स्थिति में थी, तब अस्पताल के आईसीयू में बेड खाली पड़े हुए थे, लेकिन इसके बावजूद महिला को समय पर वहां शिफ्ट कर इलाज शुरू नहीं किया गया।

इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता तब उजागर हुई जब मीडियाकर्मियों ने वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से खाली बेड के बारे में सवाल किया। पत्रकारों के पूछने पर अस्पताल कर्मी ने बेहद चौंकाने वाला जवाब देते हुए कहा कि आईसीयू के ये दोनों बेड मुख्यमंत्री के आगमन या उनके प्रोटोकॉल के लिए खाली रखे गए हैं। इस जवाब के बाद अस्पताल की व्यवस्था और प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस दर्दनाक मौत और अस्पताल कर्मियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के बाद से मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, इस पूरे विवाद, लापरवाही के आरोपों और 'सीएम' के नाम पर बेड रिजर्व रखने के दावों को लेकर अस्पताल प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है।

अजय शास्त्री की रिपोर्ट