Bihar News: बेतिया में निजी क्लीनिकों पर उठे सवाल, 24 घंटे में तीन मौतों से हड़कंप, ऑपरेशन के बाद मरीजों की मौत पर परिजनों का हंगामा

Bihar News: 24 घंटे के अंदर निजी क्लीनिकों में इलाज के दौरान कई मरीजों की मौत के मामले सामने आए हैं।

क्लीनिकों पर सवाल - फोटो : ASHISH

Bettiah: पश्चिम चम्पारण जिले में निजी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 24 घंटे के अंदर बेतिया नगर निगम और लौरिया नगर पंचायत क्षेत्र के निजी क्लीनिकों में तीन मौतों के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि अलग-अलग घटनाओं के बाद संबंधित क्लीनिकों के चिकित्सक और स्टाफ मौके से फरार हो गए।

ताजा मामला लौरिया नगर पंचायत स्थित अपना हेल्थ अस्पताल का है, जहां बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद एक 32 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर जमकर हंगामा किया और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया।मृतका की पहचान बगहा पुलिस जिला के मलपुरवा वार्ड संख्या-34 निवासी मंशा देवी के रूप में हुई है। मृतका के पति दीपू कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए डॉ. अनील के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के समय अस्पताल में चिकित्सक मौजूद नहीं थे, बावजूद इसके स्टाफ द्वारा प्रक्रिया पूरी कर दी गई। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे बेतिया रेफर किया गया। लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद चिकित्सक और अन्य कर्मचारी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए।मामले की सूचना मिलते ही लौरिया थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली और परिजनों से भी पूछताछ की।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, जिले में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली, डॉक्टरों की मौजूदगी और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या नियमों की अनदेखी करने वाले निजी संस्थानों पर सख्त शिकंजा कसा जाएगा या मामला जांच तक ही सीमित रह जाएगा।

रिपोर्ट- आशीष कुमार