Bihar News : बेतिया में तेज आंधी पानी ने मचाया तांडव, ई-रिक्शा पलटने से दो लोगों की हुई दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम

BETTIAH : बिहार के बेतिया जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। बुधवार को अचानक आई तेज आंधी ने श्रीनगर पंचायत के रखई गांव (वार्ड संख्या 11) में एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। तेज हवा के झोंकों के कारण सड़क पर चल रहा एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ई-रिक्शा के नीचे दबने से जग मुखिया नामक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

मार्मिक पहलू: दृष्टिहीन पत्नी के सिर से उठा साया

इस हादसे की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतक जग मुखिया दोनों पैरों से दिव्यांग था और अपने पिता का इकलौता पुत्र था। विडंबना यह है कि करीब एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी और उसकी पत्नी भी दृष्टिहीन है। जीवन की कठिन चुनौतियों से जूझ रहे इस परिवार के लिए जग मुखिया ही एकमात्र सहारा था। इस घटना के बाद बेसहारा हुई पत्नी और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों का शोक

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। हालांकि, परिजनों ने गहरी संवेदनाओं और दुख की घड़ी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। गांव के प्रबुद्ध जनों और ग्रामीणों ने इस दुखद घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाया। इस हादसे के बाद से पूरे रखई गांव में सन्नाटा पसरा है और हर आंख नम है।

मलाही बलुआ में भी प्रकृति का कहर

आंधी का कहर सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रहा। जिले के मलाही बलुआ पंचायत से भी एक और दुखद खबर प्राप्त हुई है। वहां तेज हवा के कारण एक विशाल पेड़ अचानक एक झोपड़ी पर जा गिरा। हादसे के वक्त झोपड़ी के अंदर बैठे एक ग्रामीण की मलबे और पेड़ के नीचे दबने से जान चली गई। इन दो अलग-अलग घटनाओं ने जिले में आंधी से हुई तबाही की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है।

प्रशासनिक अनभिज्ञता और व्यापक नुकसान

एक ओर जहां गांव में मातम छाया हुआ है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर सूचना के अभाव की स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में जब जिला आपदा पदाधिकारी नगमा तब्सुम से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि फिलहाल विभाग के पास इन मौतों से जुड़ी कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। गौरतलब है कि इस आंधी ने न केवल जान ली है, बल्कि जिले के कई हिस्सों में फसलों और संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे ग्रामीण आर्थिक संकट में आ गए हैं। 

आशीष की रिपोर्ट