Vijyotsav : भागलपुर में गूंजा 'जय भवानी', वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, पूर्व सांसद बृजभूषण और धनंजय सिंह हुए शामिल

BHAGALPUR : रेशम नगरी भागलपुर आज वीरता और राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव के अवसर पर शहर में एक ऐतिहासिक और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जीरोमाइल चौक स्थित वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ हुआ। इस गौरवमयी आयोजन में न केवल स्थानीय नागरिकों का जनसैलाब उमड़ा, बल्कि उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और धनंजय सिंह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

तपती गर्मी पर भारी पड़ा देशभक्ति का जोश

यह शोभायात्रा जीरोमाइल से शुरू होकर तिलकामांझी, मनाली चौक और आदमपुर जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए टाउन हॉल तक पहुंची। चिलचिलाती धूप और तपती गर्मी के बावजूद युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। पूरे रास्ते "जय भवानी" और देशभक्ति के गगनभेदी नारों से शहर गुंजायमान रहा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोगों ने इस यात्रा को सांस्कृतिक भव्यता प्रदान की, जो देखने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

पूर्व सांसदों ने दी श्रद्धांजलि, याद किया शौर्य

आयोजन में शामिल हुए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने वीर कुंवर सिंह के जीवन को साहस की बेमिसाल मिसाल बताया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि कुंवर सिंह का जीवन हमें राष्ट्र सर्वोपरि की भावना सिखाता है। वहीं, पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने उनके अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि 80 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के दांत खट्टे करना दुनिया के इतिहास में विरली घटना है। दोनों नेताओं ने उनकी वीरता को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय करार दिया।

इतिहास और समाज को जोड़ने वाला संगम

टाउन हॉल में आयोजित सभा के दौरान वक्ताओं ने वीर कुंवर सिंह के संघर्षों पर प्रकाश डाला। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह ने बताया कि इस वार्षिक उत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट करना और नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि कुंवर सिंह का बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है। इस दौरान शहर के कई गणमान्य व्यक्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

विजयोत्सव से एकता का संदेश

कुल मिलाकर, भागलपुर में आयोजित यह विजयोत्सव केवल एक रस्म अदायगी नहीं, बल्कि सामूहिक गौरव और एकता का उत्सव बन गया। शोभायात्रा के समापन तक लोगों का जोश बरकरार रहा, जो यह दर्शाता है कि आज भी बाबू वीर कुंवर सिंह की स्मृतियां जनमानस के हृदय में जीवित हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पूरे शहर ने इस ऐतिहासिक महानायक को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

अंजनी कश्यप की रिपोर्ट